Skip to content

जालंधर की सड़कों पर गूंजी नारी शक्ति, सैंकड़ों महिलाओं ने निकाली संस्कृति रक्षा यात्रा, हिन्दू संत श्री आशाराम जी बापू के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ उठाई आवाज

Women power echoed in the streets of Jalandhar, hundreds of women took out culture protection journey
Women power echoed in the streets of Jalandhar, hundreds of women took out culture protection journey
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper
[metaslider id=711] महिलाओं ने निकाली संस्कृति रक्षा यात्रा में हिन्दू संत श्री आशाराम जी बापू के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ उठाई आवाज बोली- क्या देश में है दोहरा कानून, हिन्दू संत के साथ पक्षपात क्यों? नेताओ अभिनेताओं समेत बड़े बड़े आरोपियों को बेल और हिन्दू संत को जेल, 9 वर्ष में 1 दिन की भी न बेल न परोल, जालंधर : “नारी तू नारायणी” का संदेश देने वाले परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापू द्वारा प्रेरित श्री योग वेदांत सेवा समिति के तत्वाधान में चलाये जा रहे महिला उत्थान मंडल जालंधर द्वारा विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य में विशाल संस्कृति रक्षा यात्रा निकाली गयी। यह यात्रा महालक्ष्मी मंदिर जेल रोड से शुरू होकर बस्ती अड्डा , ज्योति चौंक से होती हुई कम्पनी बाग पर समाप्त हुई । यात्रा का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया गया । वही इस अवसर पर सैंकड़ों महिलाओं ने हिन्दू संत श्री आशारामजी बापू के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद करते हुए नारेबाजी की। इस मोके महिलाओं ने बताया कि पॉस्को एक्ट का दुरुपयोग करके हिन्दू संत श्री आशाराम जी बापू को झूठे केस में फंसाया गया है। इतना ही नही 85 वर्ष के बीमार संत को 9 वर्ष में न तो एक दिन की बेल मिली है न ही एक दिन की कभी पेरोल भी दी गई है। वही दूसरी ओर सलमान खान, पर्ल पूरी, राज कुंद्रा, लालू यादव, तरुण तेजपाल समेत कई नेताओं अभिनेताओं आदि को बेल दी गई, यहां तक की रेप केस मामले में बिशप फ्रेंको को पहले बेल दी गई और बाद में उन्हें बरी कर दिया मगर हिन्दू संत के खिलाफ कोई भी सबूत न होने के बावजूद उन्हें बरी तो दूर की बात आज तक 1 दिन की बेल तक नहीं दी गयी। उन्होंने कहा कि ये कैसा भारत का कानून, नेताओ अभिनेताओं के लिए भारत का कानून अलग और हिन्दू संत के लिए कानून अलग। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार व राष्ट्रपति से मांग करते है कि हिन्दू संत को शीघ्र अति शीघ्र रिहा किया जाए। उन्होंने बताया कि पूज्य बापू जी को बदनाम करने करने के लिए ये प्रचार किया गया कि बापू जी का केस बलात्कार का केस है। मगर ये पूरी तरह से झूठ है। उन्होंने कहा कि देश का कोई भी नागरिक आरटीआई डाल कर सरकार से ये जानकारी हांसिल कर सकता है कि यह रेप केस है या नही। लेकिन इस के बावजूद देश भर में ये ढिंढोरा पीटा गया कि ये मामला रेप केस का है। उन्होंने बताया कि देश भर में महिला मंडल द्वारा महिलाओं के सर्वांगीण विकास हेतु 'चलें स्व की ओर'...महिला शिविर  का आयोजन, बेटी बचाओ अभियान, तेजस्विनी अभियान, आध्यात्मिक जागरण हेतु युवती एवं महिला संस्कार सभाएं, दिव्य शिशु संस्कार अभियान, निःशुल्क चिकित्सा सेवा,चल चिकित्सा सेवा मातृ-पितृ पूजन दिवस , कैदी उत्थान कार्यक्रम, घर-घर तुलसी लगाओ अभियान, गौ-संवर्धन व  हर अमावस्या पर गरीबों में भंडारे,दीपावली पर दरिद्रनारायण सेवा आदि समाजोत्थान के कार्य किए जाते हैं । उन्होंने कहा कि ये सारे दैवी सेवाकार्य संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से चलाए जाते हैं । [metaslider id=9199]