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एन एच ए .आई. की तरफ से पी.ए.पी. रेलवे क्रॉसिंग पर चार मार्गीय फ्लाईओवर के निर्माण के लिए नया प्रस्ताव पेश

N H A I On behalf of P.A.P. New proposal presented for construction of four way flyover at railway crossing
N H A I On behalf of P.A.P. New proposal presented for construction of four way flyover at railway crossing
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[metaslider id=711] जालंधर : नैशनल हाईवे अथारटीज़ आफ इंडिया (एन एच एआई.) की तरफ से पी.ए.पी.रेलवे क्रॉसिंग और दो मार्गीय रेलवे ओवर ब्रिज बनाने की अपनी पहली योजना, जिसको रेलवे अथारटी की तरफ से तकनीकी कारणों का हवाला दे कर रद्द कर दिया गया है, की जगह चार मार्गीय फ्लाईओवर के निर्माण के लिए नया प्रस्ताव पेश किया गया है यहाँ ज़िला प्रशासकीय कंपलैक्स में एन एच ए.आई के आधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षीय करते हुए डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी ने सम्बन्धित आधिकारियों को आदेश दिए कि ऐन.ऐच.ए.आई. के उच्च आधिकारियों से इस नए प्रस्ताव की मंज़ूरी के लिए कागज़ी कार्यवाही में और तेज़ी लाई जाये ,जिससे इस प्राजैकट को जल्दी से जल्दी शुरू किया जा सके,और ज्यादा जानकारी देते हुए डिप्टी कमिशनर ने बताया कि ऐन.ऐच.ए.आई. की तरफ से पहले इस ट्रैफ़िक जंकशन पर दो -मार्गीय फ्लाईओवर बनाने की सिफारश की गई थी,जिसको रेलवे की तरफ से रद्द कर दिया गया है। तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए रेलवे अथारटी की तरफ से शुरूआती प्रस्ताव को रद्द किये जाने के बाद ऐन.ऐच.ए.आई. की तरफ़ से पहले वाले दो -मार्गीय आर.ओ.बी की बजाय चार मार्गीय फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया है, जो यात्रियों को कुल छह -लेन प्रदान करेगा ,क्योंकि मौजूदा दो मार्गीय फ्लाईओवर को इसके साथ जोड़ा जायेगा। घनश्याम थोरी ने ऐन.ऐच.ए.आई. के आधिकारियों को इस प्राजैकट की जल्द मंज़ूरी के लिए अपने उच्च आधिकारियों के पास इस मामले की आगे वाली कार्यवाही के लिए अपेक्षित पैरवी लेने के को कहा ,जिससे बिना किसी देरी के इस को शुरू किया जा सके। उन्होंने इस फ्लाईओवर की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया, जिसके बनने से लाखों यात्रियों को सुविधा होगी ,क्योंकि यह महत्वपूर्ण बिंदु हरियाणा,हिमाचल प्रदेश,जम्मू और कशमीर,नयी दिल्ली के इलावा के पास के राज्यों से यातायात के साथ सम्बन्धित है।उन्होंने कहा कि पी.ए.पी. चौक एक ट्रैफ़िक जंकशन के तौर पर काम करता है, जहाँ से कई राज्यों के यात्री अपनी मंजिल की तरफ जाने के लिए गुज़रते हैं। ऐन.ऐच.ए.आई. के प्राजैकट डायरैक्टर हरमेश मित्तल ने आगे बताया कि नये चार मार्गीय प्राजैकट की लागत पहले वाले प्राजैकट के बराबर होने की संभावना है क्योंकि इस के लिए साइट से हाई -टैंशन बिजली तारों को तबदील करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी,जिससे पैसो की बचत होगी। उन्होंने कहा कि एक बार प्रस्ताव ऐन.ऐच.ए.आई. की समर्थ अथारटी के द्वारा स्वीकृत होने से बाद इसको रेलवे को उनकी मंज़ूरी के लिए भेजा जायेगा। जनरल एग्रीमेंट ड्राइंग (जी.ए.डी.)के साथ विस्थारित प्रोजेक्ट रिपोर्ट को अंतिम मंज़ूरी के लिए ऐन.ऐच.ए.आई. को सौंप दिया गया है।सभी भागीदारो से अपेक्षित मंज़ूरी प्राप्त होने के बाद प्राजैकट को तेज़ी के साथ पूरा किया जायेगा। [metaslider id=9199]