Skip to content

आम आदमी पार्टी के युवा कार्यकर्ता अभिषेक बख्शी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि और बताया 23 मार्च को देश के लिए फांसी पर झूल गए थे शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव : बख्शी

Aam Aadmi Party's youth worker Abhishek Bakshi paid tribute to the martyrs and told that on March 23, Shaheed Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev were hanged for the country: Bakshi
Aam Aadmi Party's youth worker Abhishek Bakshi paid tribute to the martyrs and told that on March 23, Shaheed Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev were hanged for the country: Bakshi
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper
[metaslider id=711] जालंधर : देश की आजादी की लड़ाई में महान स्वंतत्रता सेनानियों शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। बख्शी ने बताया 23 मार्च ही वह दिन है, जब ये तीनों महान देशभक्त अपने मुल्क के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए थे। 23 मार्च 1931 की रात भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ब्रिटिश हुकूमत ने फांसी पर लटका दिया था। भगत सिंह और उनके साथी राजगुरु और सुखदेव को फांसी दिया जाना भारत के इतिहास में दर्ज सबसे बड़ी एवं महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने 1928 में लाहौर में एक ब्रिटिश जूनियर पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की गोली मारकर हत्या कर दी थी । इसके लिए तीनों को फांसी की सजा सुनाई गयी थी। तीनों को 23 मार्च 1931 को लाहौर सेंट्रल जेल के भीतर ही फांसी दे दी गई। इसके अलावा बख्शी ने बताया कि इन तीनों को फांसी दिए जाने की तारीख 24 मार्च 1931 तय की गई थी, लेकिन उससे एक दिन पहले ही यानी 23 मार्च को ही उन्हें फांसी पर लटका दिया गया था। इसके बाद यह खबर देशभर में आग की तरह फैल गई थी। [metaslider id=1461]