जालंधर में 21.63 करोड़ की लागत से करवाए जाएंगे बाढ़ रोकने के कार्य: डिप्टी कमिश्नर
Latest News Alerts
Choose News Alerts
[metaslider id=711]
जालंधर : डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने आज बताया कि मानसून सीजन दौरान किसी भी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति के साथ निपटने के लिए ज़िला प्रशासन की तरफ से जिले में 21.63 करोड़ रुपए की लागत के साथ बाढ़ रोकने के कार्य किए जाएगे। मुख्य सचिव अनिरुध् तिवाड़ी की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल समीक्षा बैठक में भाग लेते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जिले के ड्रेनेज व्यवस्था की सफ़ाई के इलावा सतलुज दरिया के साथ लगते बाढ़ संभावित क्षेत्रों को और मज़बूत करने के लिए पहले ही अभियान शुरू किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस कार्य पर 21.63 करोड़ रुपए की राशी ख़र्च की जायेगी, जिसमें मानसून की शुरूआत से पहले 48 बाढ़ रोकने के कार्य किए जाने है।
डिप्टी कमिश्नर ने आगे बताया कि फिल्लौर सब डिविज़न में 11 करोड़ रुपए की लागत के साथ कुल 21 कार्य, शाहकोट में 6.77 करोड़ रुपए की लागत के साथ 16 काम, नकोदर में 2.35 करोड़ की लागत के साथ चार और जालंधर -1और 2में 1.51 करोड़ की लागत के साथ सात काम किए जाने है। इस दौरान घनश्याम थोरी ने बैठक में उपस्थित आधिकारियों को इन प्रोजैक्टों को समय पर पूरा करने के आदेश दिए, जिससे मानसून विशेष कर सतलुज दरिया में पानी के भारी बहाव दौरान किसी भी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि चल रहे कामों की वह स्वंय निगरानी करेगे और यदि इस काम में कोई लापरवाही पाई गई तो सख़्त कार्यवाही होगी। इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) अमरजीत बैंस, ज़िला माल अधिकारी जी.एस. बैनीपाल आदि मौजूद थे।
[metaslider id=9199]