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रामा मंडी चौंक में दो बसो में सवार थे 150 से अधिक प्रवासी मजदूर ,खुलेआम होता जालंधर से गोरखधंधा, कोरोना काल मे उड़ रही मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां, ट्रांसपोर्ट विभाग आला अधिकारी अपनी मस्ती में है मस्त

More than 150 migrant laborers were boarded in two buses in Rama Mandi Chock-Chief Minister's orders were being flown by private transporters in Corona
More than 150 migrant laborers were boarded in two buses in Rama Mandi Chock-Chief Minister's orders were being flown by private transporters in Corona
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[metaslider id="711"] जालंधर : बुधवार रात जालंधर के रामामंडी चौक पर उस समय हंगामा मच गया जब सरकारी नियमो की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए निजी ट्रांसपोर्ट की बस में भारी संख्या में मजदूरों को भरा जा रहा था वही मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने इस पर वीडियो रिकॉर्डिंग करनी शुरू की तो उन्हें धमकाने के लिए हथियारों से लैस लोग वहां आ पहुंचे और पत्रकारों से गाली गलौच शुरू कर दी और उनके मोबाइल छीन लिये। [metaslider id="1461"] एक तरफ यहाँ पुरी दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही है वही कई जगहो पर लॉकडाउन की गाइडलाइन्स की धज्जिया उड़ रही है। ऐसा ही मामला जालंधर में सामने आया। रामा मंडी चौंक में उस समय हंगामा हो गया जब टैक्सी यूनियन को पता चला की रामा मंडी चौक में निजी बस में तय सीमा से ज्यादा सवारियां बिठाई गयी है तो उन्होंने वहां हंगामा कर दिया और टैक्सी यूनियन और बस मालिकों में तीखी बहस हुई। इतने में बस मालिक के समर्थकों ने रोडवेज की एक बस रोक ली उस बस में भी तय सीमा से ज्यादा सवारियां थी। जानकारी के मुताबिक वहां दो बसो में 150 से ज्यादा प्रवासी मजदूर पकडे जाने से बवाल मच गया। थाना कैंट के एसएचओ अजैब सिंह औजला ने मौके पर पहुंचकर स्थिति कंट्रोल की। बस ड्राइवर मौके पर पुलिस द्वारा पकडे गए और थाना कैंट की पुलिस ने मौके पर पहुँच कर उन पर कार्रवाही शुरू कर दी । इसी दौरान एसएचओ अजैब सिंह और पत्रकारों के बीच भी बहस हो गई । वहाँ मजूद पत्रकारों के फ़ोन भी छीन लिए गए। जिसे मामला काफी गर्मा गया और पत्रकारों ने उन पर गुंडागर्दी करने वालो पर सख्त कार्रवाही करने को कहा जिसे लेकर रात 12बजे तक मामला उलझा रहा। बात तो सही है नियमो की उलंघना कर कुछ लोग अपनी जेबें भरने में जुटे है उन्हें बेचारी जनता की सेहत की कोई परवाह नही। वही बार बार ऐसे मामले सामने आने के बावजूद ट्रांसपोर्ट विभाग कुंभकर्ण की नींद सोता नजर आ रहा है। [metaslider id="5345"]