बेटी की लाश कंधे पर श्मशान ले जाने को मजबूर हुए थे पिता, DC ने दी 50 हजार की आर्थिक मदद
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जालंधर : कोरोना जैसे लक्षण से मौत के बाद बेटी की लाश को कंधे पर श्मशान ले जाने को मजूबर हुए पिता की हालत पर आखिरकार प्रशासन को तरस आया। गुरुवार को DC घनश्याम थोरी ने उसे 50 हजार की आर्थिक मदद दी। उन्होंने सेहत विभाग को भी आदेश दिए कि जरूरतमंद परिवारों के कोविड मरीजों की मौत पर संस्कार में उनकी मदद करें। इसका जो भी खर्चा होगा, वो जिला प्रशासन वहन करेगा। DC ने कहा कि उन्हें पता चला कि परिवार जरूरतमंद है और 11 साल की बेटी सोनू को रुपए न होने की वजह से उन्हें कंधे पर अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाना पड़ा। इसलिए पिता दिलीप कुमार को यह चेक सौंपा गया।
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रामनगर के रहने वाले दिलीप की 11 साल की बेटी की कोरोना जैसे लक्षणों से अमृतसर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। 10 मई को जब वो बेटी को संस्कार के लिए ले जाने वाले थे तो आसपास के लोगों ने कोरोना के डर से अर्थी को कंधा देने से इनकार कर दिया। तब दिलीप बेटी सोनू की लाश कंधे पर ले गए। किसी ने इसकी वीडियो बनाकर वायरल कर दी। जिसके बाद मामला प्रशासन के ध्यान में आया था।
DC घनश्याम थोरी ने लोगों से अपील की कि अगर कहीं कोविड मरीज के अंतिम संस्कार में किसी तरह की परेशानी हो तो हमें 0181-2224417, 2224848 पर कॉल करें। उनकी पूरी मदद की जएगी।
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