फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने का खुलासा, जालंधर में पुलिस ने दो लोगों को दबोचा
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जालंधर : सूत्रों की जानकारी के अनुसार 5 लाख तक की कैशलेस इलाज वाली आयुष्मान भारत स्कीम के नाम पर बाप-बेटे फर्जी कार्ड बना रहे थे। इसका खुलासा तब हुआ, जब कमिश्नरेट पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन यूनिट ने जालंधर के सिविल अस्पताल में लोगों को झांसे में लेने की कोशिश में जुटे इस बाप-बेटे को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उनसे 161 फर्जी आयुष्मान कार्ड और उन्हें बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा लैपटॉप व प्रिंटर बरामद हो गया। DCP इन्वेस्टिगेशन गुरमीत सिंह के मुताबिक इन आरोपियों ने जालंधर के अलावा अमृतसर व तरनतारन में लोगों के फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर दिए थे। यह कार्ड उन लोगों को दिए गए, जो स्कीम के लाभ के दायरे में नहीं आते थे।
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स्पेशल ऑपरेशन यूनिट के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार ने सिविल अस्पताल पास नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान शक होने पर वहां से अमृतसर के अजनाला स्थित गोपाल नगर के सतपाल और उसके बेटे अनमोल को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उनकी तलाशी ली तो उनके कब्जे से 63 जाली आयुष्मान स्कीम के सेहत बीमा योजना कार्ड बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक आरोपी बाप-बेटे वहां भर्ती गरीब लोगों को झांसे में फंसाने की फिराक में घूम रहे थे।
पुलिस ने बाप-बेटे से पूछताछ की और फिर उनके ठिकाने पर रेड कर उनके कब्जे से कुल 161 जाली आयुष्मान कार्ड बरामद किए। इसके अलावा फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक लैपटॉप व एक प्रिंटर भी बरामद कर लिया गया।
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