त्यागपत्र
इस बारे में सोमवार जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि पिछले 25 सालों से वह भाजपा की कार्यकर्ता रहीं है और पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को उन्होंने अपने तन मन धन से निभाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सीमाओं पर बैठे किसान किस तरह शांति पूर्वक अपना आंदोलन कर रहे हैं उसे अपनी आंखों से देख कर उनकी आत्मा चित्कार कर उठी है। जबकि हमारे नेता टीवी पर किसानों के आंदोलन के बारे में जो व्याख्या कर रहे हैं वह असल हालातों से बिल्कुल उल्ट है। [metaslider id="711"] मूलभूत जरूरतों से परे किसान किस कदर अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं यह देखकर उनकी आत्मा दुखी हो रही है। उन्होंने ने कहा कि भाजपा आलाकमान को किसानों की मांगे मान लेनी चाहिए। आलाकमान पंजाबियों के हिम्मत, हौसले व दृढ़ निश्चय को बहुत कम करके आंक रही है जिसका खामियाजा भाजपा भुगत भी रही है और भविष्य में भी इसे भुगतना पड़ेगा। इन्हीं हालातों को देखते हुए मैं अपना त्यागपत्र पंजाब भाजपा प्रधान व जिला प्रधान को भेज रही है। [metaslider id="9106"]