जालंधर : आपको बता दे कि जालंधर जिले के 9 विधान सभा हलकों के सभी 1975 पोलिंग स्टेशनों पर प्रशासन की तरफ से गई सौ प्रतिशत वैबकास्टिंग ने सफलता की नई कहानी लिखी है, जो कि जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव को यकीनी बनाने में बहुत मददगार साबित हुई है। बता दे कि भारतीय चुनाव आयोग के आदेशों पर प्रशासन की तरफ से जिले के 1975 पोलिंग बूथों सहित संवेदनशील पोलिंग बूथों पर वैबकास्टिंग को यकीनी बनाया गया। इन 1975 बूथों में से 242 बूथ फिल्लौर विधान सभा हलके में पड़ते है। जबकि नकोदर, शाहकोट, करतारपुर, जालंधर पश्चिमी, जालंधर केंद्रीय, जालंधर उत्तरी, जालंधर कैंट और आदमपुर हलके में क्रम अनुसार 252, 250, 228, 183, 190, 196, 217 और 217 पोलिंग स्टेशन है। उन्होंने आगे बताया कि इन कैमरों को चलाने और पोलिंग बूथों पर होने वाली हर गतिविधि पर सख़्त नज़र रखने के लिए प्रशासन की तरफ से स्टाफ की नियुक्ति की गई। सुबह से ही डिप्टी कमिशनर जालंधर घनश्याम थोरी, पुलिस कमिशनर नौनेहाल सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (विकास) जसप्रीत सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (शहरी विकास) आशिका जैन, ए.डी.सी.पी सुहैल मीर सहित सीनियर आधिकारियों ने पुलिस अबज़रवरों डा.विकरम सिंह मान, डा.एन.कोलांची के साथ सी.टी. इंस्टीट्यूट मकसूदां में स्थापित वैबकास्टिंग कंट्रोल रूम का दौरा किया। डिप्टी कमिशनर ने जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव को यकीनी बनाने के लिए बूथों पर तैनात स्टाफ को ज़रूरी दिशा -निर्देश भी दिए ज़िक्रयोग्य है कि ज़िला प्रशासन की तरफ से शांतमयी और निष्पक्ष वोटिंग की दृढ़ वचनबद्धता के अंतर्गत सौ प्रतिशत पोलिंग बूथों पर वैबकास्टिंग को यकीनी बनाने के लिए वैब् कैमरे, वाई -फाई राउटर और स्टाफ को पोलिंग प्रक्रिया पर सख़्त नज़र रखने के लिए लगाया गया था। इन बूथों पर पोलिंग प्रक्रिया की लाइव निगरानी यकीनी बनाई गई, जिस पर सीनियर आधिकारियों की तरफ से नज़र रखी गई।