चंडीगढ़ : मिली जानकारी के अनुसार अब पंजाब कांग्रेस में सिद्धू-कैप्टन को लेकर घमासान में पार्टी के अन्य विधायक भी कूद गए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इसी के मद्देनजर कांग्रेस के 10 विधायकों ने रविवार को बयान जारी कर नवजोत सिंह सिद्धू को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा कि कैप्टन के पंजाब कांग्रेस में योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सिद्धू के ट्वीट और इंटरव्यू में लगाए आरोपों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है। इस बीच मौजूदा प्रधान सुनील जाखड़ ने सोमवार को चंडीगढ़ में जिला प्रधानों और विधायकों की अहम बैठक बुलाई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कैप्टन के समर्थन में आए विधायकों में हरमिंदर सिंह गिल, फतेहजंग सिंह बाजवा, गुरप्रीत सिंह जीपी, कुलदीप वैद, बलविंदर लाडी, संतोख सिंह भलाईपुर, जोगिंदरपाल भोआ के साथ AAP छोड़कर कांग्रेस में आए सुखपाल सिंह खैहरा, पिरमल सिंह खालसा, जगदेव सिंह कमालू शामिल हैं।
विधायक सुखपाल खैहरा ने कहा कि कांग्रेस में चल रहा झगड़ा खत्म होना चाहिए। कैप्टन बड़े नेता हैं और उनकी भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। हम सिद्धू के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सरेआम पार्टी पर आरोप लगाना ठीक नहीं है। इससे पार्टी को नुकसान हुआ। प्रधान कोई भी बने हमें मंजूर है, लेकिन यह माहौल खत्म होना चाहिए।
इसी बीच सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़ में जो बैठक बुलाई है, उसमें पंजाब कांग्रेस का झगड़ा जल्द सुलझाने की कोशिश की जाएगी। पूरी पंजाब कांग्रेस की तरफ से प्रस्ताव पास कर हाईकमान को पंजाब के बारे में फैसला लेने को कहा जाएगा। पंजाब में इस वक्त असमंजस के हालात हैं, क्योंकि बिना औपचारिक ऐलान के सिद्धू मंत्रियों-विधायकों से मिल रहे हैं।
वहीं, कैप्टन भी सिद्धू की माफी पर अड़े हुए हैं। इस वजह से कांग्रेस में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि आखिर कांग्रेस को कौन लीड करेगा? इस वजह से पंजाब कांग्रेस मांग करेगी कि जल्दी प्रधान की घोषणा की जाए, ताकि पार्टी जमीनी स्तर पर अगले चुनाव के लिए काम शुरू कर सके।