Latest news
जालंधर में दर्दनाक सड़क हादसा, युवक की मौत, दो महीने बाद थी शादी पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की जमानत याचिका पंजाब की युवती की कनाडा में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या 30 जुलाई को पंजाब बंद का ऐलान ! जाने जालंधर में स्कूल-बाजार खुलेंगे या रहेंगे बंद? AAP पार्टी ने जालंधर नॉर्थ हलके में किया बड़ा बदलाव, दिनेश ढल्ल को हटाया , इस नेता को बनाया इंचार्ज चीन में भूकंप के तेज झटके , धूल के बड़े गुबार से दहले लोग ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਚਹਿਲ ਪਿੰਡ ਦੀ ਮਾਧਵ ਫੈਕਟਰੀ ਪਾਰਕਿੰਗ ਤੋਂ ਸਕ੍ਰੈਪ ਨਾਲ ਭਰਿਆ ਟਰੱਕ ਗਾਇਬ: 3 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਵੀ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਹੱਥ... अवैध संबंध के शक में पति ने की क्रूरता , पत्नी के काटे दोनों हाथ वाल्मीकि संगठनों द्वारा पंजाब बंद के आह्वान का जालंधर में दिखा पूरा असर 27 जुलाई को पंजाब बंद का ऐलान, जानिए क्या-क्या रहेगा बंद

India Living News

Hot News
You are currently viewing मां चिंतपूर्णी के दरबार में मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु ने अर्पित किया 11 तोले सोने का छत्र

मां चिंतपूर्णी के दरबार में मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु ने अर्पित किया 11 तोले सोने का छत्र

हिमाचल न्यूज़ : हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में आस्था और भक्ति का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। पंजाब से आए एक श्रद्धालु ने माता के चरणों में अपनी असीम श्रद्धा प्रकट करते हुए 11 तोले सोने का एक बेहद सुंदर छत्र अर्पित किया है। बताया जा रहा है कि इस श्रद्धालु ने माता रानी से कोई विशेष मन्नत मांगी थी। अपनी उस मुराद के पूरा होने की अपार खुशी में भक्त ने सपरिवार दरबार में पहुंचकर यह बेशकीमती भेंट माता को समर्पित की है।

इस बहुमूल्य भेंट की सबसे खास बात यह रही कि श्रद्धालु ने इसे पूरी तरह से गुप्त दान के रूप में किया है। जानकारी के अनुसार यह श्रद्धालु अपने पूरे परिवार के साथ माता के दरबार में पहुंचा था। उन्होंने सबसे पहले पवित्र गर्भगृह में जाकर माता की पावन पिंडी के दर्शन किए, शीश नवाया और विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत उन्होंने 11 तोले सोने का यह छत्र मंदिर प्रशासन के अधिकारियों को सौंप दिया। दानकर्ता ने मंदिर प्रशासन से विशेष तौर पर आग्रह किया कि उनका और उनके परिवार का नाम या पहचान किसी भी रूप में सार्वजनिक न की जाए। बिना किसी दिखावे के किया गया यह दान सच्चे भक्तों की नि:स्वार्थ भक्ति को दर्शाता है।


Leave a Reply