नॉलेज न्यूज़ : फेस्टिवल सीजन के नाम पर सेल सबको अट्रैक्ट करती है। त्योहारों के आने के पहले ही ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर सेल सेल सेल दिखाई देने लगती है। वहीं बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल, ब्रांड्स के रिटेल स्टोर्स में आए दिन सेल चलती रहती है।
आज हम जानते है कि सेल के नाम पर कस्टमर कैसे बेवकूफ बनते हैं और किस तरह से आप खुद को सेल की मायाजाल से निकाल सकते हैं,
क्या वाकई में शॉपिंग मॉल, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और बड़े रिटेल स्टोर्स पर ग्राहकों को बेवकूफ बनाया जा रहा है?
1. शॉपिंग मॉल में जानबूझकर कौन सा सामान कहां रखा है इसका डायरेक्शन क्लियर नहीं होता। इससे यह होता है कि जो चीज आप खरीदने आएं हैं, उसे ढूंढते-ढूंढते आप कई ऐसी चीजों को देखकर खरीदने का प्लान करते हैं जो आपकी जरूरत की नहीं होती।
2. शॉपिंग मॉल में ज्यादा खिड़कियां और दरवाजें नहीं बनाएं जाते। इससे ग्राहक बाहर की दुनिया से पूरी तरह कट जाते हैं। वो अंदर की चकाचौंध में फंसा रह जाता।
3. शॉपिंग मॉल में हमेशा महंगे आइटम पर ऑफर लगते रहते हैं। साथ ही उसके पास सस्ते दामों वाले कई आइटम रखे जाते हैं। जिससे लोग महंगी ऑफर वाली चीजों को तो पसंद करते ही हैं, लेकिन पास रखी सस्ती चीज भी देखकर खुश हो जाते हैं और खरीदने का मन बना लेते हैं।
4. शॉपिंग मॉल को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि लोग उनकी तरफ आकर्षित हो जाएं और वहां ज्यादा टाइम स्पेंड करें।
5. शॉपिंग मॉल्स सामानों पर ऐसी डील लगाते हैं कि कस्टमर्स को खूब सारा लेने का मन करने लगता है और ग्राहक ज्यादा से ज्यादा खरीद लगते हैं।
कस्टमर्स कैसे उनके झांसे में फंसते हैं?
1. शॉपिंग मॉल समय-समय पर पुराना माल बेचने के लिए सेल लगाकर प्रोडक्ट्स बेचने लगते हैं।
2. जब कहा जाता है कि ऑफर लिमिटेड टाइम के लिए है तो कस्टमर्स तुरंत उसका फायदा उठाना चाहते हैं।
3. शॉपिंग मॉल में हर महीने चीजों की जगह बदल दी जाती है।
4. महंगे प्रोडक्ट्स आंख के सामने रखे जाते हैं। ऑनलाइन स्टोर्स पर महंगी चीजें आसानी से ऑफर के साथ मिल जाती हैं।
5. यहाँ हर जगह आपका मोबाइल नंबर और ईमेल मांगा जाता है। जिससे समय-समय पर कस्टमर्स को ऑफर्स के बारे में बताया जाता है।
6. ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर ज्यादा खर्च करने पर फ्री शिपिंग का ऑफर दिया जाता है।
7. प्रोडक्ट्स पर 199, 99, 599 रुपए लिखा होता है। इससे आप ये सोचते हैं कि चलो 100 रुपए से कम का है या 600 से कम में पड़ा।
शॉपिंग मॉल्स के जाल में फंसने से आम आदमी खुद को कैसे बचा सकता है?
1. डिस्काउंट ऑफर पर प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसके प्राइस को अलग-अलग वेबसाइट, दुकानदारों से चेक कर लें।
2. डिस्काउंट ऑफर देखकर खरीदने की जल्दबाजी बिल्कुल न करें।
3. शॉपिंग मॉल में ऐसा होता है कि 1100 रुपए के एक प्रोडक्ट के पास एक 1000 रुपए का और एक 500 रुपए का प्रोडक्ट रखा होगा। ऐसे में कस्टमर 1000 रुपए का प्रोडक्ट खरीदकर सोचते हैं कि उन्हें एक अच्छी डील मिली है। लेकिन ऐसा न करें।
4. अगर कम चीजें खरीदनी हैं तो शॉपिंग कार्ट या ट्रॉली न लें। जब आप सामान हाथ में रखेंगे तो कम चीजें ही खरीद सकेंगे।
5. डिस्काउंट ट्रैप्स में न फंसे। इससे आप बिना काम की चीजों को खरीदने से बचे रहेंगे।
आपको बार-बार मैसेज किए जाते हैं ?
जब आप ऑफलाइन शॉपिंग के लिए किसी मार्ट में जाते हैं तो वहां आपसे आपका मोबाइल नंबर ले लिया जाता है।
ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त भी आपका नंबर रजिस्टर्ड हो जाता है।
ऐसे में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही साइड से आपको फेस्टिवल सीजन में मैसेज आने शुरू हो जाते हैं।
आप इनकी भारी भरकम छूट को देखकर आकर्षित हो जाते हैं और जो सामान आपके काम का नहीं है उसे भी खरीदने का मन बना लेते हैँ।
निष्कर्ष:
यहाँ हमारा उद्देश्य आपको मॉल या ऑनलाइन शॉपिंग से हतोत्साहित करना नहीं है, बल्कि यह बताना है कि हम कैसे खरीदारी करते हैं और उसका फायदा उठाने के बजाय विभिन्न हथकंडों का शिकार हो जाते हैं। दरअसल, ऑनलाइन शॉपिंग भी मॉल की तरह लोगों को ढेर सारी अनावश्यक खरीदारी करने के लिए प्रेरित करती है, लेकिन अगर आप एक सूची तैयार कर सकते हैं, उपलब्ध ऑफ़र का अनुकूलन कर सकते हैं, और अपनी ज़रूरतों पर पूरी तरह से टिके रह सकते हैं, तो मॉल या ऑनलाइन शॉपिंग ज़्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है।











