जालंधर : खबर है कि जालंधर में 80 फुट गहरे बोरवेल में फंसे व्यक्ति का शव NDRF की टीम ने 45 घंटे बाद निकाल लिया है । लगातार मिट्टी में दबे रहने की वजह से सुरेश जिंदगी की जंग हार गया। बॉडी निकालने के बाद NHAI और NDRF की टीम ने उसे जालंधर सिविल अस्पताल भेज दिया।
जालंधर के ADC जसवीर सिंह ने बताया कि 45 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरेश के शव को बाहर निकाल लिया गया है। घटना स्थल के पास छप्पड़ (तालाब) के कारण 50 फुट की खुदाई के बाद मिट्टी काफी नरम थी। वह बार-बार खिसक रही थी, जिसके चलते रेस्क्यू में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसलिए बचाव के कार्य में टीम को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और इतना टाइम भी लगा। घटनास्थल पर 5 JCB मशीनें लगातार मिट्टी बाहर निकाली जा रही थी। यहां मिट्टी के 150 टिप्पर निकाले गए हैं। लेकिन इतना कुछ तामझाम करने के बावजूद भी सुरेश की जान नहीं बच पाई है। सुरेश जिस आक्सीजन सिलेंडर को लेकर बोर में उतरा था उसकी लाइफ भी 18 घंटे ही थी।
बता दे कि दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के तहत करतारपुर के पास बसरामपुर गांव में सड़क पर फ्लाईओवर बनाने का काम चल रहा है, जहाँ ये हादसा हुआ है ।