Independence Day 2024 : आज भारत अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। पूरे देश में आज आजादी का जश्न बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। वहीँ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित किया। बता दें कि यह देश के नाम उनका लगातार 11वां संबोधन है और लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद उनका पहला संबोधन है।

इस दौरान पीएम मोदी ने अपनी उपलब्धियां गिनाई। यूसीसी से लेकर बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे हिंसा तक को लेकर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कई बड़ी बातें कही ……..

उन्होंने अपने संबोधन में सबसे अहम बात माताओं और बहनों के खिलाफ हो रहे अत्याचार को लेकर कही। उन्होंने कहा कि, माताओं और बहनों के खिलाफ हो रहे अत्याचार से पूरे देश में आक्रोश है। इन मामलों को हर राज्यों को गंभीरता से लेना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि जो राक्षसी कृत्य करने वाले गुनहगार हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले।
बांग्लादेश को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि, बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है, उसे देखते हुए चिंता करना वाजिब है। मैं आशा करता हूं कि वहां हालात जल्दी सामान्य होंगे। खासतौर पर 140 करोड़ भारतीयों की चिंता है कि वहां के हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, हमें नकारात्मक लोगों से बचना होगा। कुछ लोग देश का विकास नहीं चाहते। विकृति तो विनाश और सर्वनाश का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे लोग हैं, जो हर बात में नकारात्मकता ही देखते हैं। हमें विकसित भारत की ओर बढ़ते हुए ऐसे लोगों को नजरअंदाज करना होगा।
पीएम मोदी ने भाजपा के कोर एजेंडे में रहे यूनिफॉर्म सिविल कोड की भी वकालत की। उन्होंने इसे सेकुलर कोड कहते हुए कहा कि देश को इसकी जरूरत है। एक देश एक कानून हमारी आवश्यकता है। पीएम मोदी ने कहा कि बहुत दिनों तक सांप्रदायिक कोड रहा। अब सेकुलर कोड लाना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि हमें 2047 तक देश को विकसित भारत बनाना है। इसके लिए जनभागीदारी की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि हमने जिस तरह से माहौल बदला है और 25 करोड़ लोग गरीबी से ऊपर उठे हैं, उससे आकांक्षाएं बढ़ी हैं। प्रधानमंत्री ने राजनीति में जातिवाद और परिवारवाद की मुक्ति का भी खाका पेश किया।













