Latest news
जापान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए , रिक्टर स्केल पर 6.1 तीव्रता मापी गई जालंधर में 10वीं मंजिल से गिरी लड़की , हुई दर्दनाक मौत जालंधर में 72 लाख की लूट की गुत्थी सुलझी , छह आरोपी गिरफ्तार जालंधर में चोरों का आतंक ! 3 जगहों से बाइक चोरी कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जिद के आगे झुकी पुलिस, पैलेट गन केस में दर्ज की FIR जालंधर में पंजाब बंद का रहा असर : कार सवार को थप्पड़ मारने से हुआ विवाद डबल मर्डर : लखनऊ में शख्स ने दिन दहाड़े की पत्नी और बहन की हत्या; बाद में खुद को भी मारी गोली 21 अगस्त को पंजाब बंद : जानिए क्या रहेगा बंद व क्या खुला रहेगा PM Cares Fund का डेटा रिलीज पर कांग्रेस ने साधा निशाना भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में पंजाब से तीन प्रमुख नेताओं को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

India Living News

Hot News
You are currently viewing किसान संगठनों ने फिर बनाया दिल्ली कूच का प्लान…

किसान संगठनों ने फिर बनाया दिल्ली कूच का प्लान…

चंडीगढ़ : किसानों द्वारा आज आगे की रणनीति का ऐलान किया गया है। बता दे हाईकोर्ट द्वारा हरियाणा सरकार को शंभू बॉर्डर खोलने के आदेश जारी किए गए थे। वहीँ हरियाणा सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। किसानों ने शुभकरण की मौत और नवदीप की रिहाई के बारे में भी बात की है।

खबर है कि यहां अन्य किसान नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने ऐलान किया कि वह रास्ता खुलते ही दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि रास्ते खुलवाने के मामले में हाई कोर्ट ने कहा था कि हरियाणा सरकार तुरंत रास्ते खोले। इसके बाद हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। इससे यह साफ है कि रास्ता किसानों ने नहीं रोका है बल्कि हरियाणा सरकार ने रोका है। उन्होंने व्यापारी भाइयों से अपील की है कि वह हरियाणा सरकार पर रास्ता खोलने का दबाव बनाएं। डल्लेवाल ने कहा कि जैसे ही रास्ता खुलते ही वह अपना सामान समेट कर दिल्ली की ओर कूच करेंगे।

डल्लेवाल ने कहा कि उनके साथी नवदीप को जेल में बंद कर रखा है। उसे रिहा करवाने के लिए किसानों द्वारा दिया गया 17 और 18 जुलाई का कार्यक्रम तय है। अगर सरकार इससे पहले नवदीप को रिहा कर देती है तो किसान वहां जाकर प्रदर्शन नहीं करेंगे।

शुभकरण के मामले पर बोलते हुए डल्लेवाल ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा हरियाणा के ही पुलिस अधिकारी को मामले की जांच सौंपी गई है जो उनके साथ बेइंसाफी है। उन्होंने कहा कि पहले जब हाई कोर्ट द्वारा सेवानिवृत्त जज के नेतृत्व में जांच करवाने का आदेश दिया गया था तो हरियाणा सरकार ने जांच रोकने की अपील की थी।

हरियाणा सरकार ने कहा कि इस जांच से पुलिस का मनोबल टूटेगा और पुलिस आगे से फायरिंग करने से गुरेज करेगी। इससे साफ है कि उन्होंने फायरिंग की है और उससे ही शुभकरण की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार अपने अधिकारियों का बचाव कर रही है। इस लिए उनकी अपील है कि हाई कोर्ट इस मामले पर दोबारा विचार करे।

बता दें कि एम.एस.पी. की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर किसान लंबे समय से शंभू बॉर्डर पर डटे हुए हैं। किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच का ऐलान किया गया था पर हरियाणा सरकार ने पंजाब के साथ लगते बॉडरों पर बैरिकेडिंग कर किसानों को रोक लिया गया।


Leave a Reply