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Farmer movement: Farmer leaders adamant on their demands, want to negotiate on their agenda

किसान आंदोलन : अपनी मांगों पर अड़े किसान नेता, अपने एजेंडे पर ही करना चाहते हैं बातचीत

नई दिल्ली (अनिल ): किसान आंदोलन का आज 27वां दिन है। इस बीच किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि सरकार तय कर चुकी है कि कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी। उन्होंने जो चिट्ठी जारी की है, उसमें लिखा है कि अगर किसान कानूनों में बदलाव चाहते हैं तो बातचीत की तारीख और समय बता दें। ये सरकार का समाधान के लिए कदम बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों से धोखा है। आम आदमी को लगेगा कि किसान जिद पर अड़े हैं, लेकिन हकीकत ये है कि हम कानूनों में बदलाव चाहते ही नहीं, बल्कि चाहते हैं कि ये वापस लिए जाएं।

सरकार से बातचीत को लेकर किसान फैसला ले सकते हैं। वे तय करेंगे कि सरकार से चर्चा करनी है या नहीं। सरकार की तरफ से रविवार रात किसानों को बातचीत के न्योते की चिट्ठी भेजी गई थी। किसान नेता हन्नान मुला ने कहा कि सरकार दिखावा कर रही है। एजेंडे पर चर्चा नहीं चाह रही। बातचीत करनी है तो हमारे एजेंडे पर ही हो। किसानों नेताओं का कहना है कि सरकार ने 5 पेज का गोलमोल प्रस्ताव भेजा है। इसमें पुरानी बातों पर ही जोर है।

 

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