Latest news
जालंधर में बैडमिंटन खेलते समय व्यक्ति को आया हार्ट अटैक, इस तरह बची जान जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर का तबादला, सतिंदर सिंह बने नए CP जालंधर की सिल्वर प्लाजा मार्केट में बाप बेटे पर हमला मशहूर कंटेट क्रिएटर सयोनी चक्रवर्ती का 23 साल की उम्र में निधन भारतीय रिजर्व बैंक प्लास्टिक नोटों को लाने पर कर रहा विचार ? गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पहुंच रहे पहाड़ों में , वहां भी मिल रहा घंटों लंबा जाम फगवाड़ा में लवली यूनिवर्सिटी के पास जालंधर के RTI एक्टिविस्ट सिमरनजीत की गोली मारकर हत्या पंजाब में मौसम ने ली करवट , इन जिलों में आंधी-बारिश का रेड अलर्ट पंजाब में निकाय चुनाव के परिणामों में AAP पार्टी का शानदार प्रदर्शन, जानें कांग्रेस-अकाली-भाजपा का ह... जालंधर में अब 1 जून से 9 और चौराहों पर होंगे E-Challan

India Living News

Hot News
You are currently viewing लोगों को बड़ी राहत, अब एफ.आई.आर दर्ज़ कराने के पुलिस स्टेशन जाकर बहस करने की जरूरत नहीं पड़ेगी

लोगों को बड़ी राहत, अब एफ.आई.आर दर्ज़ कराने के पुलिस स्टेशन जाकर बहस करने की जरूरत नहीं पड़ेगी

पंजाब : अब एफ.आई.आर दर्ज़ कराने के लिए पुलिस स्टेशन जाकर बहस करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप व्हाट्सएप, टेलीग्राम या ईमेल जैसे टूल से भी एफ.आई.आर रजिस्टर कर सकते हैं। अब थाने में यह कहकर भी कोई बहाना नहीं बना सकेगा कि संबंधित थाने में जाकर एफ. आई. आर दर्ज करवाओ। नये कानून में शून्य एफ. आई. आर का प्रावधान जोड़ कर क्षेत्र अधिकारी की चिंता बनी किसी भी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवा सकेंगे।

1 जुलाई से भारतीय दंड संहिता (आपीसी) की जगह भारतीय न्यायपालिका संहिता (बीएनएस), सजा प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की जगह नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) ले लेंगे। अब एफ.आई.आर को लेकर कई स्पष्ट प्रावधान किये गये हैं और कुछ पुराने प्रावधानों को भी मजबूत किया गया है। देश में कहीं भी अपराध के लिए एफ.आई.आर दर्ज की जा सकेगी। एफ. आई. आर संबंधित पुलिस स्टेशन में अपने आप स्थानांतरित हो जाएगी और वहां एफ.आई.आर को नंबर मिल जाएगा। जघन्य अपराधों में थाने में मौखिक अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दी गई सूचना के आधार पर एफ.आई.आर पंजीकृत किया जाएगा। व्हाट्सएप, टेलीग्राम सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एफ. आई. आर दर्ज की जा सकती है, जिस को लेकर ऑनलाइन दर्ज करवाने का बाद तीन दिन के भीतर शिकायतकर्ता को संबंधित पुलिस स्टेशन में उपस्थित होकर हस्ताक्षर करना होगा।

थाने में एफ.आई.आर नहीं होने पर पहले की तरह एसएसपी ऑफिस में भी एफ.आई.आर दर्ज की जा सकेगी। पुलिस के एफ.आई.आर दर्ज नहीं करने और कोर्ट के माध्यम से एफ.आई.आर का प्रावधान पहले की तरह ही रखा गया है। पीड़ित को एफ.आई.आर की कॉपी पुलिस स्टेशन से निःशुल्क उपलब्ध होगी। पुलिस जांच के 90 दिन के अंदर पीड़ित को कार्रवाई के बारे में जानकारी देगी।


Leave a Reply