जालंधर : निवेशकों को अधिक से अधिक सहायता प्रदान करने की अपनी वचनबद्धता के अंतर्गत ज़िला प्रशासन की तरफ से आज 2727.93 लाख रुपए का निवेश करके जालंधर में अपने उद्योग स्थापित करने के लिए 10 कारोबारी घरानों को बड़े स्तर पर रियायतों को मंजूरी दी गई है।
उद्योगिक और कारोबार विकास नीति 2017 और फिसकल इंसैंटिव फार इंडस्ट्रियल प्रोमोशन पालिसी 2013 के अंतर्गत गठित ज़िला स्तरीय समिति बैठक की अध्यक्षता करते डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी ने गुरूवार को 100 प्रतिशत बिजली ड्यूटी में छूट से ले कर सी.एल.यू. चारजिज़ से छूट, स्टैंप ड्यूटी और जीएसटी माफी तक की रियायतों को मंजूरी दी।
डिप्टी कमिशनर ने बताया कि आज की बैठक में रियायत प्राप्त करने वाले उद्योगों में डीएस इंडस्ट्रीज, वंडरलैंड फार्मज़, गोल्ड रेंज कास्टिंग प्राईवेट लिमटिड, डिवीनिटी वैलनैस्स प्राईवेट लिमटिड, निचले सिंथैटिक प्राईवेट लिमटिड, जे.के. इंटरनैशनल, राजहंस इंटरनैशनल, कोहिनूर इंडिया प्राईवेट लिमटिड, संत वालवस प्राईवेट लिमटिड और शारप चक्कस और मशीनज़ प्राईवेट लिमटिड शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज की मंजूरी के साथ रियायतों सम्बन्धित सभी मामलों का निपटारा कर दिया गया है और ज़िला स्तरीय समिति के पास कोई भी केस पैंडिग नहीं है।
और ज्यादा जानकारी देते डिप्टी कमिशनर ने बताया कि इन उद्योग की तरफ से जालंधर में नई औद्योगिक इकाईयाँ स्थापित करके 2727.93 लाख रुपए का निवेश किया गया है। उन्होंने बताया कि ज़िला प्रसासन नई इकाईयाँ स्थापित करने ख़ातिर निवेशकों की मदद करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में कोई कमी बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और बताया कि उद्योगों की सहायता के लिए पहले ही एक व्यापक कार्यविधी तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत बिज़नस फस्ट पोर्टल अधीन नयी इकाईयों के लिए तुरंत मंजूरी दी जा रही हैं। हाल ही में, ऐसे कई इतराज़हीनता सर्टिफिकेट कारोबारी घरानों को निर्विघ्न और उचित ढंग के साथ जारी किए गए है जिससे वह जल्दी से जल्दी अपने उद्योग शुरू कर सकें। उन्होंने व्यापारी वर्ग को जिले में अधिक से अधिक निवेश करने की अपील की ,क्योंकि प्रशासन की तरफ से जिले में पहले ही उद्योग समर्थकी माहौल सृजन करा गया है। उन्होंने कहा कि उनका निवेश न सिर्फ़ जालंधर को उच्च विकास की रास्ते पर ले कर जायेगा बल्कि रोज़गार के नए रास्ते भी खुलेगें। इस अवसर पर दूसरो के इलावा सहायक कमिशनर हरजिन्दर सिंह जस्सल, ज़िला उगयोगिक केंद्र के जनरल मैनेजर दीप सिंह गिल और फंकशनल मैनेजर मनजीत लाली, डी.बी.आई.आई.पी. के सीनियर सलाहकार स्टीफन एस.जे.एस., बी.एफ.ओ. पारस मल्होत्रा आदि मौजूद थे।