Latest news
शंभू-अंबाला रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट का मामला सुलझा, हथियारों सहित 4 गिरफ्तार पंजाब के शंभू में रेलवे ट्रैक पर धमाका, विस्फोटक लगाने वाले के उड़े चिथड़े पिकनिक पर गए परिवार के साथ हादसा , नाले के तेज बहाव में बह गया मासूम बच्चा पंजाब में अप्रैल के आखिरी दिनों में बरसेंगे बादल, मौसम विभाग का अलर्ट जारी 'आप' पार्टी को छोड़ते ही हरभजन सिंह की Z+ सिक्योरिटी को मान सरकार ने वापस लिया फार्म में लगी भयानक आग, एक साथ जिंदा जली 122 बकरियां राघव चड्ढा को झटका, 2 दिन में 10 लाख लोगों ने इंस्टाग्राम पर किया अनफॉलो पंजाब में आप पार्टी के कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा : सांसद हरभजन सिंह और राजेंद्र गुप्ता के घर की दी... पत्रकारों की प्रसिद्ध संस्था DMA ने जालंधर के नए डिप्टी कमिश्नर IAS Varjeet Walia से की विशेष मुलाक़ा... अरविंद केजरीवाल को झटका : राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल BJP में शामिल हुए

India Living News

Hot News
You are currently viewing नेपाल में 14 अप्रैल तक सभी कोचिंग सेंटर्स को बंद करने का आदेश

नेपाल में 14 अप्रैल तक सभी कोचिंग सेंटर्स को बंद करने का आदेश

वर्ल्ड न्यूज़ : नेपाल की बालेन सरकार ने शिक्षा के नाम पर चल रहे कोचिंग के धंधे पर लगाम कसने के लिए एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी और ब्रिज कोर्स के नाम पर मासूम छात्रों और उनके माता-पिता को लूटना आसान नहीं होगा. शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक नया फरमान जारी करते हुए देश के सभी कोचिंग सेंटर्स को अगले 15 दिनों के भीतर अपना बोरिया-बिस्तर समेटने यानी पूरी तरह काम बंद करने का आदेश दे दिया है. इस फैसले से उन संस्थानों में हड़कंप मच गया है जो लंबे समय से शिक्षा को मोटी कमाई का जरिया बनाए हुए थे.

सरकार का मानना है कि ये कोचिंग सेंटर्स पढ़ाई के बेहतर विकल्प देने के बजाय छात्रों के दिमाग पर गलत असर डाल रहे हैं और उनके परिवार वालों पर भारी आर्थिक बोझ डाल रहे हैं. असल में स्कूल और कॉलेज में एडमिशन का सीजन शुरू होते ही ये संस्थान सक्रिय हो जाते हैं और बड़े-बड़े वादे करके छात्रों पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर देते हैं. बालेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि एडमिशन दिलाने के बहाने जो खेल चल रहा है उसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार की प्राथमिकता अब छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा के सही माहौल को सुरक्षित रखना है ताकि बच्चों का स्वाभाविक विकास हो सके.

सरकार ने सिर्फ आदेश ही नहीं दिया है बल्कि इसकी कड़ी निगरानी के लिए जिला प्रशासन को विशेष निर्देश भी जारी कर दिए हैं. सभी जिला अधिकारियों को साफ कह दिया गया है कि अगर 14 अप्रैल की समयसीमा खत्म होने के बाद भी कोई संस्थान चोरी-छिपे ये कोर्स चलाता हुआ मिला तो उस पर कानून के हिसाब से सख्त एक्शन लिया जाएगा.


Leave a Reply