नेशनल न्यूज़ : राज्यसभा में गुरुवार को ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक 2025 पास हो गया। इस विधेयक का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को नियंत्रित करना और इससे जुड़ी समस्याओं को रोकना है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस विधेयक को पेश करते हुए ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कई गंभीर खतरों का जिक्र किया।
क्यों पड़ी बिल की जरुरत?
संसद में बहस के दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि लोग ऑनलाइन मनी गेमिंग में अपनी जीवन भर की बचत गंवा देते हैं। कहा कि ऐसे कई प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को फंडिंग के रूप में हुआ है। इसके अलावा आतंकवादी संगठनों ने ऐसे गेमिंग एप को मैसेंजिग एप के रूप में भी प्रयोग किया है।
ऑनलाइन गेमिंग से भारी नुकसान
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत में करीब 45 करोड़ लोग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर पैसे गंवाते हैं। उन्होंने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स के कारण सालाना लगभग ₹20,000 करोड़ का नुकसान होता है, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।
क्या-क्या होंगे प्रावधान?
ऑनलाइन गेमिंग बिल सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम पर बैन लगाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन मनी गेम्स के विज्ञापनों पर भी प्रतिबंध लगेगा। बैंकों व वित्तीय संस्थानों को ऐसी गतिविधियों के लिए मनी देना या ट्रांसफर करने की मनाही होगी। इस कानून का उल्लघंन करने पर 3 साल की जेल और/या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।











