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Even in today's time, honesty is alive, Jagjit Singh Lucky became an example.

आज के समय में भी ईमानदारी जिंदा है , जगजीत सिंह लक्की बने मिसाल

जालंधर 27 मार्च 2024 : आज के समय में भी ईमानदारी जिंदा है, ऐसी ही मिसाल कायम की है जगजीत सिंह लक्की ने। आपने अक्सर सुना होगा कि बैंक में कभी किसी बुजुर्ग व्यक्ति से कोई दोखे से पैसे छीन कर ले गया या किसी बैंक में डकैती पड़ गई पर अब एक अनोखी खबर शहर जालंधर पंजाब में सुनने में आई है कि आप भी सुनकर हैरान हो जाएंगे कि हमारे शहर में भी ईमानदार व्यक्ति रहते है।

खबर मिली है कि कल स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया पटेल चौक ब्रांच में जगजीत सिंह लक्की को ₹ 2 लाख रुपए लावारिस पड़े मिले और बैंक में जिसका कोई वारिस नहीं था। फिर उन्होंने इधर-उधर देखा और बैंक कैशियर को पूछा कि आपके बैंक का कैश पूरा है कम तो नहीं तो कैशिअर ने कहा नहीं हमारे बैंक का कैश पूरा है तो थोड़ी देर इंतजार करने के बाद उन्होंने कहा कि मेरे को यह पैसे लावारिस पड़े मिले हैं तो बैंक ने कहा कि किसी को ₹5 मिले तो वह ₹5 नहीं छोड़ता और वह अपनी जेब में डाल लेता है। पर जगजीत सिंह लक्की को 2 लाख रुपए मिले और उन्होंने अपनी ईमानदारी दिखाते हुए सारे के सारे पैसे बैंक मैनेजर और कैशियर को दे दिए ।

इसके बाद बैंक के स्टाफ में खुशी की लहर दौड़ गई और बैंक ने जगजीत सिंह लक्की को अपनी तरफ से फूलों का गुलदसते देकर सम्मानित किया और उनका धन्यवाद किया कि ऐसे लोग बहुत कम होते हैं जो के बैंक को पैसे वापस करते हैं। और उन्होंने कहा कि आपको हमेशा याद रखा जाएगा और बैंक आपका हमेशा आभारी रहेगा। इससे पता चलता है कि ईमानदारी अभी भी जिंदा है। ऐसे व्यक्तियों की हमारे समाज में बहुत जरूरत है और हमें ऐसे व्यक्तियों से कुछ ना कुछ सीखना चाहिए कि अपने हक का ही ले किसी और और की कोई भी चीज मिले तो उसे तुरंत वापस कर दें।


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