नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को मोदी सरकार का नौवां बजट पेश किया। मध्यम वर्ग को आम बजट में जिस राहत का तीन साल से इंतजार था, वह आखिरकार मिल गई। अभी जिनकी पांच लाख रुपये की कर योग्य आमदनी है, उन्हें दोनों कर व्यवस्था में कोई टैक्स नहीं देना होता था। अब यह लिमिट सात लाख रुपये होगी। छूट की यह सीमा नई कर व्यवस्था में बढ़ाई गई है। पुराने रिजीम के स्लैब में बदलाव को लेकर कोई एलान नहीं किया है। नए रिजीम में आयकर में छूट की शुरुआती सीमा को बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है। पहले यह सीमा ढाई लाख रुपये थी।
बजट में कई बड़ी योजनाओं का एलान किया, वहीं कई तरह के पुराने शुल्कों को हटाने का भी एलान किया।
क्या महंगा हुआ ? सिगरेट पर आकास्मिकता शुल्क को 16 फीसदी बढ़ाया गया। ब्लेंडेड सीएनजी पर जीएसटी हटेगा, कीमतों में आएगी कमी कंपाउंडेड रबड़ पर बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी की गई। महंगा होगा। सोने के बार से बने आभूषणों पर कस्टम ड्यूटी में इजाफा किचन में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक चिमनी पर कस्टम ड्यूटी 7.5% से बढ़ाकर 15% की गई। खिलौने और उसके कलपुर्जे-सामान पर आयात शुल्क बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मकसद उत्पादों के आयात में कमी लाना और घरेलू विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
क्या सस्ता हुआ ?
लिथियम आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल सामान की इंपोर्ट ड्यूटी घटाई। टीवी पैनल के ओपन सेल के पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी 5% से घटाकर 2.5% की गई। मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग के लिए कुछ पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाई। हीट कॉइल पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 15% कर दी गई है। लैब में बने हीरों की मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल सीड पर ड्यूटी कम की। एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए श्रिंप फीड पर कस्टम ड्यूटी कम करेगी।