चंडीगढ़ : आपको बता दे कि विधानसभा चुनाव से पहले चरणजीत चन्नी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में नया सियासी दांव खेला है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के सहायता प्राप्त कॉलेजों में नियुक्त 1925 सहायक प्रोफेसरों की सेवाओं को नियमित करने की मंजूरी दे दी। वहीँ इसके साथ ही दोआबा में दो सरकारी डिग्री कॉलेज खोलने की मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। बता दे कि इनमें एक जुलाई 2022 से शिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया।
बता दे कि मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता के अनुसार राज्य के सहायता प्राप्त कॉलेजों में 1925 खाली पद तीन वर्षों के लिए अनुबंध के आधार पर चरणबद्ध तरीके से 21600 रुपये के मूल वेतन पर भरने की मंजूरी दी गई थी। वहीँ इसके बाद मूल्यांकन समितियों द्वारा इनके कार्य के मूल्यांकन के आधार पर उनके मामले रेगुलर करने के लिए विचार किया गया था। वहीँ इन सहायक प्रोफेसरों के सेवाकाल के तीन साल पूरे होने पर उनके कार्य और कारगुजारी का मूल्यांकन मनोनीत मूल्यांकन समितियों द्वारा किया गया और इस समिति द्वारा उनकी सेवाओं को रेगुलर करने के लिए सिफारिश की गई।