जालंधर : यहाँ सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। यहां भर्ती एक महिला ने कहा कि उसका बच्चा काले रंग का था, लेकिन बाद में उसे गोरा बच्चा पकड़ा दिया गया। जब उसने यही बात यहां सेहत कर्मी से पूछी तो उसे थप्पड़ मारा गया। हंगामा इतना बढ़ गया कि पुलिस बुलानी पड़ गई। जिसके बाद महिला ने यह तो मान लिया कि उसका बच्चा नहीं बदला गया, लेकिन पिटाई के आरोप लगाती रही। हालांकि सेहत अफसरों ने आरोपों को गलत करार देते हुए कहा कि किसी ने उसे थप्पड़ नहीं मारे हैं। सिर्फ समझाया गया कि बच्चा उन्हीं का है।
महिला ने बयान में बताया कि जब उन्हें बच्चा दिखाया गया तो वो काला था। इसके बाद उन्हें बच्चा दिया गया तो वो गोरा था। यह देख उन्होंने सेहत कर्मी मैडम को कहा कि उसे तो काला बच्चा दिखाया था, अब गोरा क्यों दे रहे हो तो इस बात पर उसे थप्पड़ मार दिए गए। सेहत कर्मियों ने उसे बताया कि उस वक्त बच्चा गंदा था, उसे नहला कर सौंपा गया है, इस वजह से वह साफ-सुथरा लग रहा है। यह बात बाद में महिला ने भी मान ली।
मौके पर पहुंची पुलिस ने कहा कि डॉक्टरों का कहना है कि जब बच्चा दिखाया गया तो वो गंदा था, साफ करने के बाद महिला को गलतफहमी हो गई। जो अब दूर हो गई है। महिला ने जो थप्पड़ मारने के आरोप लगाए हैं, उसके बारे में दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। जांच के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।