Skip to content

Kalki Avatar: कलियुग में भगवान कल्कि के आने पर क्या-क्या होगा !

Kalki Avatar: कलियुग में भगवान कल्कि के आने पर क्या-क्या होगा !
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

एस्ट्रोलॉजी : हिंदू धर्म ग्रंथों में इस बात का जिक्र किया गया है कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है तब-तब भगवान उसका नाश करने को आते है और पुनः धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। फिलहाल कलयुग चल रहा है जिसमें भगवान विष्णु के कल्कि अवतार होंगे। ऐसे में चलिए जानते हैं भगवान कल्कि के बारे में।

कल्कि पुराण के अनुसार भगवान कल्कि के जन्म के समय धरती पर कई विशेष घटनाएं घटेंगी। जैसे, कलियुग में जब भगवान कल्कि का जन्म होगा, तो धरती पर कई प्राकृतिक आपदाएं आएंगी। जब भगवान कल्कि का जन्म होगा, तो उस रात अंधकार के बीच भी एक दिव्य रोशनी चमक रही होगी।

धरती पर जब-जब पाप बढ़ता है, तो भगवान विष्णु किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धरती से पाप का अंत करते हैं। यह बात भागवत गीता, विष्णु पुराण सहित कई पुराणों में लिखी गई है। कल्कि पुराण में भी भगवान विष्णु के कल्कि अवतार से जुड़ीं कई भविष्यवाणियां की गई हैं। कल्कि पुराण के अनुसार भगवान कल्कि का जन्म तब होगा, जब कलियुग अपनी चरम सीमा तक पहुंच जाएगा और पूरी दुनिया में उथल-पुथल हो रही होगी। आइए, विस्तार से जानते हैं कि भगवान कल्कि का जन्म होने पर क्या-क्या होगा।

कल्कि पुराण के अनुसार जब भगवान कल्कि का जन्म होगा, तो धरती पर हर तरफ विनाश के बादल मंडरा रहे होंगे। लोग एक-दूसरे के प्रति दया और सहानुभूति की भावना नहीं रखेंगे। धरती पर अत्याचार इतना बढ़ जाएगा कि ईमानदार और अच्छे लोगों को धरती पर जीने में घुटन महसूस होगी। शक्तिशाली लोग अपने छोटे-से लाभ के लिए कमजोर लोगों का शोषण करेंगे। अराजकता के बीच भगवान कल्कि का जन्म होगा। उनके जन्म के समय सभी लोग एक दिव्य बालक की रक्षा के लिए लग जाएंगे।

कल्कि पुराण के अनुसार जब भगवान कल्कि का जन्म होगा, तो धरती पर मूसलाधार बारिश हो रही होगी। सभी लोग मौसम के विकराल रूप से परेशान नजर आएंगे। एक रात में इतनी बारिश होगी कि बाढ़ जैसे हालात बन जाएंगे। साथ ही तेज आंधियों के कारण मनुष्य के कदम स्थिर नहीं रहेंगे। सबसे खास बात यह है कि अंधेरी रात में भी संभल (जहां भगवान कल्कि का जन्म होगा) वहां पर दिव्य रोशनी फैली होगी।

कल्कि पुराण के अनुसार अलग-अलग युग में जलमग्न हो चुके धार्मिक नगर समुद्र में फिर से नजर आने लग जाएंगे। जैसे, भगवान कृष्ण की समुद्र में समा चुकी द्वारका नगरी फिर से समुद्र में नजर आने लग जाएगी। भगवान कल्कि के जन्म के समय जब बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं आएंगी, तो कई प्राचीन शहर फिर से नजर आने लग जाएंगे।

डिस्क्लेमर : इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। इंडिया लिविंग न्यूज़ इस लेख में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। इंडिया लिविंग न्यूज़ अंधविश्वास के खिलाफ है।