दीपावली पर कैसे करें लक्ष्मी जी का पूजन, जानिए पूजन के शुभ मुहूर्त का समय
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जालंधर : दीपावली के त्यौहार को लेकर जहां हर तरफ जगमग देखने को मिल रही है। वहीं इस त्योहार के मद्देनजर बाजार भी पूरी तरह से सजे हुए हैं। लोग दीपावली के लिए खरीदारी करने में जुटे हैं। बता दे कि दीपावली का पर्व कार्तिक कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है। वहीँ इस वर्ष कार्तिक कृष्ण अमावस्या चार नवंबर यानी को है जो कि सुबह 6 बजकर तीन मिनट से शुरू हो रही है और पांच नवंबर सुबह 2 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी। प्राप्त जानकारी अनुसार इस दिन प्रदोषकाल से लेकर अर्धरात्रि तक श्री महालक्ष्मी पूजन, मंत्र-तंत्र-जप आदि करने का ख़ास महत्व है क्योंकि कहा जाता है कि इस दिन किए गए जप-तप-यज्ञ व दान का फल कई गुना अधिक मिलता है।
लक्ष्मी जी की पूजा के शुभ मुहूर्त :-
अमावस्या तिथि का आरंभ:- 4 नवंबर 2021 को सुबह 6 बजकर 3 मिनट से
प्रदोष काल समय:- शाम 5 बजकर 34 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक
वृषभ काल समय:- शाम 6 बजकर 9 मनिट से 8 बजकर 4 मिनट तक
सिंह काल का समय:- रात्रि 12 बजकर 42 मिनट से 2 बजकर 59 मिनट तक
चौघड़िया मुहूर्त:- दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से लेकर 1 बजकर 35 मिनट तक यह समय दुकान, फैक्ट्री, व्यापारिक स्थल पर पूजा करने का श्रेष्ठ समय रहेगा।
प्राप्त जानकारी अनुसार पूजा के समय पूजा स्थल पर श्री गणेश, लक्ष्मी जी और विष्णु जी की प्रतिमा को रखें। वहीँ इन सभी के नीचें लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। इनके आगे देसी घी का दीया और सरसों के तल का चौमुखी दीया जलाएं। इसके अलावा एक थाली में गोमती चक्र, कोढ़ीयां, हल्दी की गांठ, छोटा नारियल, मोती शंख, चांदी का सिक्का, लाल गुंजा, कमलगट्टे की माला, लक्ष्मी यंत्र व अक्षत को रखें। वहीँ लक्ष्मी माता को कमल का पुष्प अर्पित करें और इसके बाद श्री गणेश जी से पूजा की शुरूआत करें।
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