Skip to content

करवाचौथ पर इस बार बन रहा विशेष संयोग , जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत के नियमों के बारे

This time special coincidence is being made on Karva Chauth, know about auspicious time, worship method and rules of fasting
This time special coincidence is being made on Karva Chauth, know about auspicious time, worship method and rules of fasting
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper
[metaslider id="711"] जालंधर : बता दे कि ऐसी मान्यता है कि सुहागिनों के लिए अखंड सौभाग्य का व्रत करवाचौथ को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। वहीँ इस ख़ास दिन को महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। वहीँ इस साल करवाचौथ का व्रत 24 अक्तूबर को है। इसके चलते बाजार में दुकानें सज चुकी हैं। वहीँ बाजार में लगी दुकानों से लोग कलश, छलनी, करवा चौथ कथा की पुस्तक, मट्ठी-फेनियों के अलावा सुहागिनों के श्रृंगार सामान की खरीददारी कर रहे हैं। महिलाएं करवा चौथ को लेकर बाजारों में खरीदारी के साथ साथ मेहँदी भी लगवा रही है। वहीं इस बार बाजारों भी खूब चहल-पहल दिखाई दे रही है। बता दे कि पंडित कमल जी से प्राप्त जानकारी अनुसार विवाहित महिलाओं के द्वारा पति की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाने वाला महाव्रत करवा चौथ इस साल कई अच्छे संयोग में आ रहा है। वहीँ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 24 अक्टूबर 2021 दिन रविवार को ही पड़ रही है। और खास बात यह है कि पांच साल बाद फिर से इस बार करवा चौथ पर शुभ योग बन रहा है। इसके अलावा करवा चौथ पर इस बार रोहिणी नक्षत्र में पूजन होगा जो कि अत्यंत शुभ माना जाता है, माना जाता है इस दिन चंद्र दर्शन से बहुत सी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। और वहीँ यह संयोग पांच साल बाद बन रहा है। [metaslider id="1461"] बता दे कि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि इस वर्ष 24 अक्टूबर 2021, रविवार सुबह 3 बजकर 1 मिनट से शुरू होगी जो अगले दिन 25 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। वहीँ इस बार करवा चौथ के पूजन के लिए शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर 2021 को शाम 06:55 से लेकर 08:51 तक रहेगा। आपको बता दे कि करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय अलग-अलग स्थानों के हिसाब से अलग अलग होता है। वहीँ इस दिन करवे में जल भरकर कथा सुनी जाती है। वहीँ महिलाएं सुबह सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्र दर्शन के बाद व्रत को खोलती हैं। वहीँ ऐसी मान्यता है कि करवा चौथ के शुभ दिन सुहागिनों को लाल, गुलाबी, पीला,हरा और महरून रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। और इसके अलावा पहली बार करवा चौथ व्रत रखने वाली स्त्रियों को लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। [metaslider id="9199"]