पठानकोट : आपको बता दे कि तीन अगस्त को रणजीत सागर डैम में सेना का ध्रुव मार्क-3 हेलिकाप्टर क्रैश हो गया था। इसके बाद वहीँ अब बड़ी जानकारी मिली है कि इसमें सवार को-पायलट कैप्टन जयंत जोशी का शव आखिरकार हादसे के ढाई महीने बाद डैम से तालाश कर बाहर निकाल लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार शव को रविवार दोपहर करीब 2 बजे बाहर निकाला गया। वहीँ ज्यादा समय बीत जाने के कारण शव की हालत अत्यंत खराब हो चुकी है। कैप्टन के पार्थिव शरीर को पठानकोट सेना अस्पताल में रखवाया गया है।
आपको बता दे कि इस हादसे के बाद इसके दोनों पायलट लापता हो गए थे। फिर चले रेस्क्यू आपरेशन में 15 अगस्त को लेंफ्टिनेंट कर्नल एएस बाठ का शव तलाश लिया गया था। वहीँ इसके बाद 9 सितंबर को हेलिकाप्टर के बचे हिस्से को भी ढूंढ़ लिया गया लेकिन तमाम प्रयास के बाद भी कैप्टन जयंत जोशी के बारे में पता नहीं चल पा रहा था। वहीँ अब रेस्क्यू दल ने अब ढाई महीने बाद कैप्टन जयंत जोशी का शव झील से तलाश कर बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की है।