The Majitha police would have listened to Raghav in time, the lamp of a house would not have been extinguished.
वक्त रहते सुन लेती मजीठा पुलिस राघव की बात तो नहीं बुझता एक घर का चिराग..
मजीठा थाना पुलिस अगर वक्त रहते मासूम राघव की बात सुन लेती तो आज नंगल पनवा के रहने वाले राघव शर्मा जीवित होते परिजनों ने लगाए थाना मुंशी पर गंभीर…









