कोमल स्वभाव एवं मृदु भाषी थीं श्रीमती संगीता गुप्ता
कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोए ऐसी करनी कर चलो, हम हंसे जग रोए जालंधर : समाज में ऐसी कई शख्सीयतें हैं जिनका मृदु स्वभाव उनकी पहचान बन जाता…
कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोए ऐसी करनी कर चलो, हम हंसे जग रोए जालंधर : समाज में ऐसी कई शख्सीयतें हैं जिनका मृदु स्वभाव उनकी पहचान बन जाता…