चंडीगढ़ : बता दे कि भगवंत मान सरकार के ‘एक विधायक एक पेंशन’ अध्यादेश पर राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने हस्ताक्षर नहीं किए है। वहीँ राज्यपाल ने फाइल पर साइन करने से मना करते हुए सरकार को सलाह दी है कि जून में होने जा रहे विधानसभा सत्र में बिल के रूप में पेश करते हुए इसे पास करवाया जाए।
ध्यान रहे कि भगवंत मान सरकार की ओर से बीती 2 मई को एक कैबिनेट में एक विधायक एक पेंशन अध्यादेश को जारी करने के लिए मंजूरी दी गई थी। लेकिन ,अब राज्यपाल की ओर से इस पर हस्ताक्षर करने से इन्कार करने के बाद कानून बनने तक पूर्व व मौजूदा विधायकों की पेंशनों की अदायगी जारी रहेगी।
वहीँ अब विधानसभा सत्र आने पर बिल पास करवाना जरूरी हो जाएगा। अब सीधे बिल को विधान सभा में पेश करते हुए इस का कानून बनाया जाएगा। वहीँ अब इस काम को पूरा होने में एक से दो माह का समय लग सकता है। सरकार विधानसभा में पहले विधेयक पास करवाएगी। उसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी। राजभवन से फाइल वापस आने के बाद सरकार की ओर से बिल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।