नई दिल्ली : खबर है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनी बायजूस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रवींद्रन बायजू के बेंगलुरु स्थित कार्यालय और आवासीय परिसर पर छापे मारे तथा वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और संदेहास्पद डेटा मिले हैं. इसके अलावा एजेंसी को हजारों करोड़ के ऐसे निवेश की भी जानकारी मिली है, जिसमें गड़बड़ी का शक हो रहा है. ईडी ने एक बयान में बताया कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत हाल में कुल तीन परिसरों-दो कारोबारी और एक रिहायशी परिसर पर छापे मारे गए। इनमें पंजीकृत कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड का परिसर भी शामिल है।
ईडी ने बताया कि यह छापेमारी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम यानी फेमा (FEMA) के प्रावधानों के तहत की गई. एजेंसी के अनुसार, जिन तीन परिसरों की तलाशी ली गई है, उनमें पंजीकृत कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड का परिसर भी शामिल है. जांच एजेंसी ने बताया कि उसने विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किए हैं. वहीं बायजू का कहना है कहा कि ईडी की कार्रवाई नियमित जांच है और कंपनी ने एजेंसी के साथ पूरी पारदर्शिता बरती है. कंपनी ने मांगी गईं सभी जानकारी उपलब्ध करा दी है.
ईडी ने बताया कि कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2020-21 के बाद से वित्तीय खाता तैयार नहीं किया है. ईडी के अनुसार, कंपनी के खातों का ऑडिट भी नहीं किया गया है, जो कि जरूरी होता है. कंपनी की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का बैंकों से मिलान किया जा रहा है. यह कार्रवाई कुछ लोगों से मिली विभिन्न शिकायतों के आधार पर की गई है.
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि सीईओ रवींद्रन बायजू को कई समन भेजे गए, लेकिन वह बचते रहे और कभी ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए. तलाशी के दौरान पाया गया कि रवींद्रन बायजू की कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड को 2011 से 2023 के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के तहत करीब 28,000 करोड़ रुपये मिले. कंपनी ने भी इस अवधि के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नाम पर करीब 9,754 करोड़ रुपये देश के बाहर भेजा. कंपनी ने विज्ञापन और विपणन के नाम पर लगभग 944 करोड़ रुपये का खर्च दिखाया, जिसमें देश से बाहर भेजी गई राशि भी शामिल है.