पंजाब : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में पंजाब और चंडीगढ़ में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई, जिसमें चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना और पटियाला के कुल 11 ठिकानों को खंगाला गया। ये सभी स्थान पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके सहयोगियों से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिनमें प्रॉपर्टी डीलर और संदिग्ध बेनामी शामिल हैं।
ईडी ने यह जांच सीबीआई, एसीबी चंडीगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की। शिकायतकर्ता आकाश बट्टा ने आरोप लगाया था कि उनके स्क्रैप व्यवसाय के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से बचाने के बदले भुल्लर ने अपने एक बिचौलिए के जरिए अवैध धन की मांग की थी। इसके अलावा, भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला भी दर्ज है।
जांच में सामने आया कि विभिन्न प्रॉपर्टी डीलरों और संबंधित लोगों के बैंक खातों में भारी नकद जमा और ट्रांजेक्शन हुए, जिनका कोई वैध स्रोत नहीं था। इन पैसों को कई खातों से घुमाकर बेनामी नामों पर संपत्तियां खरीदी गईं। ईडी ने छापों के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए, जो चंडीगढ़, लुधियाना, कपूरथला, मोहाली और जीरकपुर में फैली संपत्तियों से जुड़े हैं।इस कार्रवाई में ईडी ने 1.4 करोड़ रुपये की राशि जब्त की है और कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए हैं।











