नेशनल न्यूज़ : बड़ी खबर सामने आई है कि अमेरिका में अडानी ग्रुप के चेयरमैन उद्योगपति गौतम अडानी समेत 8 लोगों पर अरबों रुपए की धोखाधड़ी और घूस देने के आरोप लगे हैं। अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि अडानी समूह ने इस बात को उन अमेरिकी बैंकों और इंवेस्टर्स से छिपाया, जिनसे अडानी ग्रुप ने सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए अरबों डॉलर जुटाए थे।
वहीं दूसरी तरफ अडानी समूह ने इन आरोपों को निराधार करार दिया है, जबकि भारत सरकार ने इस मामले में अब तक चुप्पी साध रखी है। वहीँ इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। राहुल ने अडानी को गिरफ्तार करने की मांग की है। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी।
अडानी पर क्या और किस तरह के लगे हैं आरोप
अमेरिकी अभियोग में यह आरोप लगाया गया है कि अडानी और उनके सह-प्रतिवादियों ने 20 वर्षों में अनुमानित 2 बिलियन डॉलर के सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर यानी करीब 2100 करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत देने पर सहमति जताई थी। अडानी पर विदेशी रिश्वतखोरी, प्रतिभूति धोखाधड़ी, प्रतिभूति धोखाधड़ी साजिश और धोखाधड़ी की साजिश के आरोप हैं।
अडानी को क्या सजा भुगतनी पड़ सकती है?
अगर अडानी को इस मामले में दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें कई सालों की जेल के साथ-साथ आर्थिक दंड का भी सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, कोई भी सजा आखिरकार मामले की देखरेख करने वाले जज पर निर्भर करेगी। अडानी को विदेशी रिश्वतखोरी के लिए 5 साल तक की जेल और प्रतिभूति धोखाधड़ी, न्याय में बाधा पहुंचाने और साजिश के आरोप में 20 साल तक की जेल का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, 12 सदस्यीय जूरी को अडानी को दोषी ठहराने के लिए सर्वसम्मति से मतदान करने की जरूरत होगी। इसके अलावा अडानी इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं।











