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विजीलैंस ब्यूरो ने 50,000 रुपए रिश्वत लेता एस. एच. ओ. किया काबू

चंडीगढ़ : खबर मिली है कि पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने कपूरथला जिले के फगवाड़ा सिटी थाने में एस. एच. ओ. के तौर पर तैनात इंस्पेक्टर जतिन्दर कुमार और उसके साथी जसकरन सिंह उर्फ जस्सा को 50,000 रुपए रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया है।विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह गिरफ़्तारियाँ कुलविन्दर कौर निवासी गाँव चाचोकी, फगवाड़ा द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर की गई है।

उन्होंने बताया कि कुलविन्दर कौर ने विजीलैंस ब्यूरो के पास पहुँच करके दोष लगाया कि उक्त पुलिस मुलाज़िम ने मार्च में उसके लड़के हरशदीप, उसकी पत्नी आशिमा और साले अंश शर्मा को उस समय हिरासत में लिया था जब वह फगवाड़ा के एक स्थानीय होटल में खाना खा रहे थे। इसके उपरांत उसके पुत्र के विरुद्ध उक्त थाने में नारकोटिक ड्रग एंड साईकोट्रोपिक सबस्टांस एक्ट (एन. डी. पी. एस.) के अंतर्गत केस दर्ज किया गया था। इसके बाद उक्त पुलिस मुलाज़िम ने हरशदीप की पत्नी और साले को इस केस में शामिल न करने के बदले 50,000 रुपए रिश्वत की माँग की और शिकायतकर्ता ने दबाव में आकर उसे रिश्वत दे दी।

उसने आगे दोष लगाया कि बाद में इंस्पेक्टर जतिन्दर कुमार ने हरशदीप का डेढ़ लाख रुपए का मोबाइल फ़ोन, सोने की अंगूठी और सोने के कानों के स्टड्डों को केस के सबूतों में से निकालने के बदले अतिरिक्त 50,000 रुपए की माँग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम अदा की और सामान उसे वापस कर दिया गया।

शिकायतकर्ता ने आगे दोष लगाया कि उक्त इंस्पेक्टर ने उसके साथ बार-बार संपर्क किया और उसे तारा नरसरी से ख़रीदे पौधों और गमलों के कुल 35,000-40,000 रुपए के बिलों का भुगतान करने के लिए कहा और शिकायतकर्ता ने रकम अदा कर दी। इसके इलावा, इंस्पेक्टर ने अदालत में उसके पुत्र के पक्ष में चालान दायर करने और मुकदमे और सबूतों में उसका समर्थन करने के बदले शिकायतकर्ता से एक लाख रुपए की माँग की। यह सौदा 50,000 रुपए में तय हो गया। शिकायतकर्ता ने इसको रिकार्ड कर लिया और ब्यूरो के पास सबूत के तौर पर पेश किया।


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