जालंधर : पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने व बहुमूल्य मानव जीवन को बचाने के उद्देश्य से, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज देश के पहली ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ के 129 हाई-टेक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पी.ए.पी. ग्राउंड में इस फोर्स को लॉन्च करने के लिए आयोजित समारोह के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि पंजाब के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए एक समर्पित फोर्स लॉन्च करने वाला पहला राज्य बन गया है जिसके साथ लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि इस फोर्स के गठन और उसके बाद इसे जनता को समर्पित करने में सभी अधिकारियों की अहम भूमिका रही है। भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि यह फोर्स लोगों की कीमती जिंदगियों को बचाने और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने में प्रमुख भूमिका अदा करेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सांसद के तौर पर उन्होंने लोकसभा में सड़क हादसों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था क्योंकि इन हादसों के कारण राज्य में हर दिन 12 मौतें होती थीं। उन्होंने कहा कि तभी से उनके मन में यह विचार था कि जब भी उन्हें राज्य की सेवा करने का मौका मिलेगा, लोगों की जान बचाने के लिए एक समर्पित फोर्स का गठन किया जाएगा और आज उनका सपना सच हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फोर्स के गठन से पुलिसकर्मी अपने पुलिस कर्तव्यों का पालन और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस फोर्स को उपलब्ध कराए गए वाहन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वाहनों में से हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि एस.एस.एफ. आम व्यक्ति की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाएगी और अब एस.एस.एफ. की कार्यप्रणाली का पता लगाने के लिए हर महीने का डेटा का अध्ययन किया जाएगा और हर महीने के बाद डेटा को जनता के साथ सांझा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फोर्स का गठन पंजाब को सड़क दुर्घटनाओं के मामले में सबसे सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में एक उचित कदम है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब राज्य और इसके लोगों के कल्याण के लिए व्यापक जनहित में यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री मान ने एस.एस.एफ. के स्टाफ को भी लोगों की कीमती जानें बचाने के लिए ड्यूटी और अधिक ईमानदारी और समर्पित भावना के साथ अपना कर्तव्य निभाने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी प्वाइंटों की व्यवस्था की जाएगी ताकि भविष्य में बार-बार उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर उन्हें दंडित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह समय की मांग है कि लोग यातायात नियमों का पालन करने के साथ-साथ वाहनों की आवाजाही को भी सुगम बनाएं। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि बड़ी संख्या में लड़कियां पुलिस फोर्स में शामिल हो रहे हैं और एस.एस.एफ. के वाहनों के 90 गाड़ियों की ड्राइवर भी लड़कियां हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने व तेज गति से चलने वाले वाहनों को रोकने के लिए विशेष उपकरणों से लैस 129 पेट्रोलिंग वाहन (गश्त करने वाले वाहन) इन रूटों पर तैनात किए जाएंगे और वाहन हरेक 30 कि.मी. की दूरी तय करेंगे। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त पुलिस कर्मियों में से जिन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण दिया गया है, उन्हें सड़क सुरक्षा फोर्स में तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेनिंग कपूरथला में दी गई है। उन्होंने कहा कि यह फोर्स एक तरफ राज्य में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों की दर को रोकने और दूसरी तरफ राज्य की सड़कों पर यातायात को सुचारू करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी तरह का पहली विशेष फोर्स पंजाब में रोजाना होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में जानें गंवाने वाली कई कीमती जिंदगियों को बचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इन वाहनों में किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को आपातकालीन उपचार प्रदान करने के लिए पूरी मेडिकल किट भी होगी। उन्होंने कहा कि लोगों को समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए फोर्स को ट्रॉमा सेंटरों से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री मान ने आशा व्यक्त की कि यह फोर्स अंधाधुंध ड्राइविंग को रोकने, सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने और अन्य कार्यों में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इससे पुलिस स्टेशनों में तैनात पुलिस कर्मियों पर बोझ भी कम होगा। इस अवसर पर पुलिस के डायरेक्टर गौरव यादव, गृह सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह, अतिरिक्त पुलिस डायरेक्टर जनरल एम.एफ. फारुकी और ए.एस. रॉय भी मौजूद थे।