जालंधर : जालंधर में रामामंडी स्थित जौहल अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया है। मिली जानकारी अनुसार पिछली रात अस्पताल में एक डिलिवरी हुई थी, जिस महिला की डिलिवरी हुई उसके परिजनों का आरोप है कि डिलिवरी के बाद बच्चा उन्हें दिखाया नहीं गया। जब अस्पताल स्टाफ से पूछा तो आगे से जवाब मिला कि बच्चा मर गया है। बाद में बताया गया कि महिला की भी मौत हो गई है।
इसके बाद वहां इतना जबरदस्त हंगामा हुआ कि अस्पताल के आसपास सारा इलाका पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गय़ा। वहीँ दो थानों की पुलिस थाना कैंट और पुलिस थाना रामामंडी की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। वहीँ मौके पर देर रात जालंधर वेस्ट के विधायक शीतल अंगुराल भी पहुंचे।
वहीँ विधायक के पहुंचने पर पीड़ित पक्ष ने एक रिकॉर्डिंग सुनाई, जिसमें कहा जा रहा है कि मरीज की हालत बहुत खराब थी। डिलिवरी के बाद ब्लीडिंग रूक नहीं रही थी। वहीँ महिला के परिजनों का आरोप था कि महिला के तीन मेजर ऑपरेशन करके बच्चेदानी को निकाल दिया गया, लेकिन उनसे डॉक्टरों ने कोई सलाह मशविरा नहीं किया। उनसे स्वीकृति लिए बगैर अपनी मर्जी से ही सब कुछ कर डाला। इस प्रोसेस के दौरान बच्चे की मौत हो गई औऱ महिला भी चल बसी।बाद में लाखों रुपए का बिल उनके हाथ में थमा दिया गया।
महिला परिजनों ने आरोप लगाया कि जब लाखों रुपए का बिल थमाया गया तो साथ में कहा गया कि बिल चुकता करके महिला और बच्चे का शव ले जाना। विधायक शीतल अंगुराल ने कहा कि उन्होंने भी जौहल अस्पताल के मालिक डॉक्टर BS जौहल से बात की थी। उन्होंने उन्हें भी साफ कह दिया कि पैसे जमा करवा कर शव ले जाएं।
इस मामले को लेकर कमिश्नेरेट पुलिस के आला अधिकारी जसकिरण जीत सिंह तेजा, जगमोहन सिंह, एसएचओ नवदीप व भूषण आदि मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर सम्बन्धित थाने में अस्पताल प्रबंधन खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।