उत्तर प्रदेश : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी में काशी-विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण कर दिया है । वहीँ लोकार्पण का शुभ मूहूर्त रेवती नक्षत्र में दोपहर 1.37 बजे से 1.57 बजे तक 20 मिनट का था। ये प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। लंबे समय से इस परियोजना पर काम किया जा रहा था और करीब 32 महीने में बाबा के पूरे परिसर का कायाकल्प हो गया। अब बाबा विश्वनाथ मंदिर का विस्तार गंगा तट तक है। काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन से पहले गंगा स्नान या फिर आचमन की मान्यता है। अब श्रद्धालु गंगा स्नान कर गंगा जल लेकर सीधे बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे और सब कुछ मंदिर के प्रांगण में ही होगा।
पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत बाबा विश्वनाथ को प्रणाम करने के साथ की। इस मौके पर पीएम ने कहा कि काशी में सब कुछ महादेव की कृपा से होता है, यहां सिर्फ डमरूवाले की सरकार है। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ के चरणों में हम शीश नवावत हैं। माता अन्नपूर्णा के चरणन के बार-बार वंदन करत हैं। अभी मैं बाबा के साथ-साथ नगर कोतवाल काल भैरव जी के दर्शन करके आ रहा हूं। देशवासियों के लिए उनका आशीर्वाद लेकर आ रहा हूं।
इस पावन पर्व पर पूरे वाराणसी को किसी दुल्हन की तरह सजाया गया है। इतिहासकारों के अनुसार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पर वर्ष 1194 से लेकर 1669 तक कई बार हमले हुए। 1777 से 1780 के बीच मराठा साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। ढाई दशक बाद पीएम मोदी ने आठ मार्च 2019 को मंदिर के इस भव्य दरबार का शिलान्यास किया था।
33 महीने में तैयार हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण रेवती नक्षत्र में हुआ है। राम मंदिर के लिए मुहूर्त तैयार करने वाले आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ ने बताया कि 13 दिसंबर को रेवती नक्षत्र में शुभ मुहूर्त प्राप्त हुआ है।