पंजाब : बड़ी खबर है कि पंजाब के CM भगवंत मान और पटवारियों के बीच चल रहे विवाद में इस्तीफे होने भी शुरू हो गए हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार जालंधर और अमृतसर के 19 पटवारियों ने इस्तीफा देकर अपनी नौकरी छोड़ने का ऐलान किया है। यह पटवारी वो हैं जो सरकार ने खाली पटवार सर्कल चलाने के लिए रिटायरमेंट के बाद ठेके पर भर्ती किए थे। इन्होंने सरकार के ESMA एक्ट लागू करने के फैसले और मुख्यमंत्री द्वारा पटवारियों-कानूनगो को भ्रष्ट कहने के विरोध में नौकरी छोड़ी है।
पंजाब राजस्व पटवार- कानूनगो यूनियन के अध्यक्ष हरवीर सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जालंधर के 17 पटवार सर्कलों और अमृतसर के 2 पटवार सर्कलों के सेवानिवृत्त पटवारियों ने ठेके पर काम करने से मना कर दिया है और अपने इस्तीफे संबंधित अधिकारियों को भेज दिए हैं।
पंजाब मेंमुख्यमंत्री भगवंत मान और पटवारियों-कानूनगो के बीच चल रहे विवाद के बीच सरकार ने अब पटवारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पटवारियों ने मांगें पूरी न होने पर अतिरिक्त कार्य करना छोड़ा तो सरकार ने अंडर ट्रेनिंग पटवारियों को फील्ड में उतार दिया। अब पटवारियों के आ जाने के बाद पुराने जमे बैठे पटवारियों को सरकार ने हिलाना शुरू कर दिया है।
जालंधर में पहले डिप्टी कमिश्नर ने 28 पटवारियों के तबादले किए थे। अब एक नई लिस्ट और सामने आ गई है। नई लिस्ट में 61 पटवारियों का तबादले किया गया है। साथ ही डिप्टी कमिश्नर ने ठेके पर रखे सेवानिवृत्त पटवारियों की नियुक्तियां करते हुए खाली सर्कलों का एडिशनल कार्यभार सौंपा है, ताकि पक्के पटवारियों द्वारा छोड़े एडिशनल सर्कलों में आम जनता को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।