Latest news
स्वतंत्रता दिवस से पहले DGP गौरव यादव ने जिला पुलिस प्रमुखों को पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाने का दिया... विजिलेंस ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथ किया गिरफ्तार गोराया में पुल से नीचे गिरी क्रेटा कार, दो लोग घायल जालंधर में SIR प्रक्रिया के पहले चरण का डेटा जारी जालंधर के CP सतिंदर सिंह ने अधिकारियों के साथ की विशेष बैठक और जारी किए सख्त आदेश VIRAL NEWS : 220 करोड़ रुपये खर्च कर कई सर्जरी कराकर युवक बना कुत्ता ? वायरल VIDEO की सच्चाई आई सामन... पंजाब के लुधियाना की बेटी की कनाडा में सड़क हादसे में माैत, कैदी को ले जा रही थीं रमनदीप जालंधर में दर्दनाक हादसा : तेज़ रफ़्तार स्विफ्ट कार कैंटर से भिड़ी, तीन युवकों की मौत अमृतसर के CP गुरप्रीत भुल्लर का तबादला, जानें किस अधिकारी को मिली जिम्मेदारी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पत्नी ने वापस लिया तलाक केस

India Living News

Hot News
You are currently viewing पंजाब सरकार ने दुकानदारों को दी बड़ी राहत , अब इंस्पेक्टर राज से मिलेगी मुक्ति

पंजाब सरकार ने दुकानदारों को दी बड़ी राहत , अब इंस्पेक्टर राज से मिलेगी मुक्ति

चंडीगढ़ : पंजाब के दुकानदारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बता दें कि, पंजाब सरकार ने पंजाब शॉप एंड कॉमर्शियल एक्ट में अहम संशोधन की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम व्यापारिक गतिविधियों को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अब दुकानों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में 20 तक कर्मचारी रखने वाले व्यापारियों को किसी तरह के निरीक्षण या इंस्पेक्टर की अनुमति की जरूरत नहीं होगी। केवल 20 से अधिक कर्मचारी रखने वालों को सरकार के पास अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

इस संशोधन के बाद अब छोटे दुकानदारों को बार-बार इंस्पेक्टरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी। भगवंत मान ने कहा, “यह फैसला छोटे व्यापारियों की सुविधा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हमारी सरकार चाहती है कि व्यापारी वर्ग को बेवजह की कागजी कार्रवाई और दबाव से मुक्ति मिले।

नियम उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना

यदि कोई प्रतिष्ठान संशोधित नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर 30,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस जुर्माने का उद्देश्य सजा देना नहीं, बल्कि सिस्टम में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना है।


Leave a Reply