Latest news
आदमपुर हवाई अड्डे का बदला नाम, केंद्र सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को जड़े थप्पड़ Google Play Store पर असली और फेक सरकारी ऐप्स को कैसे पहचाने ? चंडीगढ़ में पीजीआई के पास मेडिकल स्टोर पर ताबड़तोड़ गोलियां चली जरूरी खबर : अब बिना पंजीकृत मोबाइल नंबर OTP के नहीं बनेगा वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट जालंधर में किशनपुरा चौक के पास कपडे के शोरूम पर फायरिंग मणिकर्ण में पार्वती नदी किनारे फोटो खिंचवाते बहे पंजाब के 3 पर्यटक, मुश्किल से किया किया रेस्क्यू जालंधर में ट्रक की टक्कर से स्कूटी सवार महिला की हुई मौत, पति गंभीर घायल महंगाई का झटका : फिर बढ़े घरेलू LPG सिलेंडर के दाम जंतर-मंतर पर छात्रों का जोरदार प्रदर्शन : कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सामाजिक कार...

India Living News

Hot News
You are currently viewing सिख विरोधी होने के आरोप में घिरे अमिताभ बच्चन, 10 साल पहले अकाल तख्त को लिखा पत्र वायरल होने का दावा
amitabh-bachchans-alleged-letter-written-to-akal-takht-came-10-years-ago-surrounded-by-amritsar-old-letter-on-the-charge-of-being-anti-sikh-witness-again

सिख विरोधी होने के आरोप में घिरे अमिताभ बच्चन, 10 साल पहले अकाल तख्त को लिखा पत्र वायरल होने का दावा

अमृतसर : बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की ओर से दान में दिए गए करोड़ों रुपए को लेकर सिख राजनीति में बवाल मचा हुआ है। अमिताभ बच्‍चन पर 1984 के सिख कत्‍ल-ए-आम को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। इस बीच पूरे मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। अमिताभ ने 10 साल पहले पत्र लिखकर खुद पर लगे आरोपों को खारिज किया था। यह कथित पत्र अब वायरल हुआ है।

दावा किया जा रहा है कि अमिताभ बच्‍चन ने यह पत्र 2011 में अकाल तख्त के जत्थेदार को मुंबई निवासी तत्कालीन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सदस्य गुरिंदर सिंह बाबा के माध्यम से भेजा था। इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस तथाकथित पत्र में अमिताभ ने खुद पर लगे सिख कत्ल-ए-आम के लिए भीड़ को उकसाने वाले आरोप पर स्पष्टीकरण दिया था।

दरअसल, 2011 में पंजाब सरकार ने खालसा पंथ के जन्मस्थान श्री आनंदपुर साहिब में ऐतिहासिक खालसा विरासत कॉम्पलेक्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए अमिताभ बच्चन को निमंत्रण भेजा था। इसे स्वीकार कर लेने के बाद में सिर्फ इसलिए इनकार कर दिया कि वह इस ऐतिहासिक समागम में किसी शर्मिंदगी का कारण नहीं बनना चाहते थे। समागम खत्म हो जाने के बाद उन्होंने अपने ऊपर लगाए आरोपों का खंडन किया था।

अमिताभ बच्‍चन ने साफ लिखा था कि नेहरू-गांधी परिवार के साथ उनके संबंध रहे हैं। हर सुख-दुख में वह एक-दूसरे के घर आते जाते थे। 1984 में सिख विरोधी दंगों की घटना देश के इतिहास में हमेशा एक धुंधला और एक काला अध्याय है। वह सिखों की भावनाओं को कभी आहत नहीं कर सकते, क्योंकि उनका परिवार उन्हें सिखी के बारे में ही बताता रहा है। वह सिख कौम को ठेस पहुंचाने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकते। 1984 में हिंसा भड़काने संबंधी आरोप गलत हैं।

अब यह पत्र उस समय सामने आया है, जब अमिताभ बच्चन की तरफ से दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को 12 करोड़ रुपए दान में दिए गए हैं। मनजीत सिंह GK ने इस संबंध में अकाल तख्त को मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ पत्र भी दिया गया था। इसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने यह दान सिख रिवायतों के खिलाफ लिया है, क्योंकि अमिताभ बच्चन सिख विरोधी हैं।

 

 

 

source link


Leave a Reply