हेल्थ न्यूज़ : दिन के मुकाबले रात में कई लोगों को ज्यादा डर महसूस होता है. कभी ऐसा लगता है कि कोई पीछे खड़ा है तो कभी ऐसा एहसास होता है कि कोई लगातार हमें देख रहा है. हल्की-सी आवाज या परछाईं भी बेचैनी पैदा कर सकती है. अक्सर लोग इसे अलौकिक घटनाओं से जोड़ देते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार ज्यादातर मामलों में इसके पीछे हमारे दिमाग का खेल होता है. कई बार ऐसा एक्सपीरियंस लोगों को महसूस होता है, लेकिन इसके पीछे कई हेल्थ कारण हो सकते हैं और वो क्या हैं? कई रिसर्च में बताया गया है कि इसे मनोविज्ञान में हाइपरविजिलेंस कहते हैं, यह क्या होता है, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.
ऐसा क्यों महसूस होता है?
कई बार ऐसा स्ट्रेस या मूड खराब होने की वजह से भी हो सकता है. इंसान जब ज्यादा सोचता है तो बॉडी के कई हार्मोन बिगड़ने लगते हैं. पंखे की आवाज, खिड़की का हिलना या किसी चीज के गिरने की आवाज भी डरावनी लग सकती है.
नींद की कमी होना
अगर आप रात को ज्यादा देर तक फोन चलाते हैं तो दिमाग शांत नहीं रहता और परेशानी होने लगती है. कई रिसर्च में बताया है कि लगातार कम सोने वाले लोगों को अजीब एक्सपीरियंस होने की संभावना बढ़ सकती है. जब दिमाग को आराम नहीं मिलता तो वह जानकारी को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता और इस तरह की दिक्कत होने लगती है.
डर लगने पर क्या करना चाहिए?
अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो पूरी नींद लेना शुरू करें. सोते वक्त टेंशन नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि सोचने से परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है. दिमाग को शांत रखने के लिए ध्यान लगाएं, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज या हल्का योग करें. साथ ही, कमरे में हल्की नाइट लाइट रख सकते हैं,
स्लीप पैरालिसिस की बीमारी होने का संकेत
रात को डर लगना स्लीप पैरालिसिस की बीमारी का संकेत हो सकता है. इस दौरान इंसान कुछ क्षणों के लिए शरीर नहीं हिला पाता और उसे किसी की मौजूदगी का भ्रम हो सकता है. यह एक्सपीरीयंस डरावना हो सकता है, लेकिन यह एक पहचानी हुई नींद संबंधी स्थिति है.
Disclaimer : इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. इंडिया लिविंग न्यूज़ किसी तरह का कोई दावा नहीं करता है.












