केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर क्राइम या ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को रोकने और इनकी शिकायत दर्ज कराने के लिए एक नेशनल हेल्पलाइन नंबर (155260) जारी किया है. आप धोखाधड़ी की शिकायत इस नंबर पर दर्ज करा सकते हैं
नई दिल्ली : आज के समय में जहाँ टेक्नोलॉजी ने हमारा जीवन आसान बनाया है वहीं इसके कुछ नुकसान भी हैं जो हमें झेलने पड़ते हैं. डिजिटलाइजेशन के दौर में ऑनलाइन पेमेंट भी बढ़े हैं. लेकिन जहाँ इनके फायदे है वहीँ इसमें धोखाधड़ी की संभावना भी बनी रहती है. आज हम इसी पर बात करेंगे यानी अगर कभी आप ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाएं तो आपको क्या-क्या कदम उठाने चाहिए.
यदि आप सावधानी न बरतें तो कोई भी आपका पासवर्ड चुरा कर आपके अकाउंट से पैसे निकाल सकता है. साइबर ठग अक्सर कोई ऑफर के बारे में बताकर, कभी आपके एकाउंट में नंबर अपडेट करने को लेकर तो कभी किसी और बहाने से ठगी का जाल बुनते हैं. ज्यादातर लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं होती है इसलिए उन्हें झांसे में ले लेना आसान भी हो जाता है. ऐसे में आपको सावधान रहना बेहद जरूरी है.
इसकी शिकायत कहां दर्ज करें? केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर क्राइम या ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को रोकने और इनकी शिकायत दर्ज कराने के लिए एक नेशनल हेल्पलाइन नंबर (155260) जारी किया है. आप धोखाधड़ी की शिकायत इस नंबर पर दर्ज करा सकते हैं. यदि आप ऐसे किसी अपराध के शिकार होते हैं तो सबसे पहले इस नंबर पर कॉल करें. इसके अलावा आप गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर भी इसकी शिकायत कर सकते हैं.
जब भी आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है तो उसके शुरुआती दो-तीन घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. ऐसे में आप जितना जल्दी रिपोर्ट करेंगे साइबर टीम उतना ही जल्दी एक्शन लेगी. इससे आपके पैसे वापस आने की संभावना भी बढ़ जाती है.
जानिए कैसे काम करती है हेल्पलाइन आप जैसे ही किसी ऑनलाइन ठगी की सूचना देते हैं, वैसे ही साइबर टीम अलर्ट हो जाती है. सबसे पहले वह संबंधित बैंक से संपर्क करती है और आपके एकाउंट से पैसे जिस एकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं उसे होल्ड कर देती है. इससे होता यह है कि जिस व्यक्ति ने आपके साथ धोखाधड़ी की है वह उन पैसों का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. वह न तो पैसे निकाल पाएगा और न ही किसी और एकाउंट में ट्रांसफर कर पाएगा.
ऑनलाइन ठगी जैसे अपराधों से बचने के लिए जागरूक होना ही उपाय है. अपने एकाउंट की कोई भी जानकारी किसी के साथ शेयर न करें. अपने पासवर्ड, ओटीपी आदि भी किसी को न बताएं.