उस दौरान CM सुक्खू द्वारा चन्नी के सम्मान के लिए उन्हें शॉल और टोपी पहनाई गई, लेकिन चन्नी ने हिमाचली टोपी दस्तार के ऊपर रख ली। इसके बाद मामले ने धार्मिक रंग ले लिया और सिख संगठनों द्वारा उनका विरोध व आपत्तियां जताई जाने लगी। इसके बाद उन्होंने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार से माफी मांग ली है।
SGPC ने भी जताई आपत्ति
चरणजीत सिंह चन्नी के दस्तार पर हिमाचली टोपी रखने के मामले पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी आपत्ति जताई है। SGPC ने सिख परंपरा का उल्लंघन बताते हुए चन्नी से माफी मांगने की बात कही। हालांकि चन्नी द्वारा यह मामला अनजाने में होने की बात कहते हुए माफी मांगी जा रही है।
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