शिमला : हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह का आज सुबह आइजीएमसी शिमला में निधन हो गया। वह काफी समय से बीमार थे। दो बार कोरोना संक्रमण को मात देने के बाद भी लगातार अस्पताल में उपचाराधीन थे व दो दिन से वेंटीलेटर पर थे। वीरभद्र सिंह ने आईजीएमसी अस्पताल शिमला में अंतिम सांस ली। पूर्व मुख्यमंत्री की तबीयत कोरोना से ठीक होने के बाद और बिगड़ी थी और उपचार के लिए आइजीएमसी में भर्ती करवाया गया था। हाल ही में वह 87 वर्ष के हुए थे। पूर्व मुख्यमंत्री के पार्थिव शरीर को उनके निजी आवास होली लाज लाया गया। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन पर आज प्रदेश भर में अवकाश की घोषणा कर दी गई।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का पार्थिव शरीर आज होली लॉज में जनता के दर्शन के लिए रखा गया । कल 9 बजे से 12 बजे शिमला के ऐतिहासिक मैदान रिज, 12 बजे से 1 बजे तक प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा। एक बजे रामपुर बुशहर के लिए जाया जाएगा। 10 जुलाई को रामपुर में पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर होली लाज पहुंचे। उनके साथ शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज भी पहुंचे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने भी होली लॉज में वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर को पुष्पांजलि अर्पित कर, श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना प्रकट की। सरकार के अन्य मंत्री व विधायक भी छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी वीरभद्र सिंह के निधन पर दुख जताया है। पूर्व पशुपालन मंत्री हर्ष वर्धन चौहान भी होली लॉज पहुंचे।कांग्रेस सहित भारतीय जनता पार्टी ने भी दस जुलाई तक अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीरभद्र सिंह के निधन पर शोक जताया है। पीएम मोदी ने टवीट कर लिखा कि वीरभद्र सिंह ने अपने अपनेे राजनीतिक सफर में अनुभव से हिमाचल प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। उनके निधन से दुख हुआ है, भगवान दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।गृह मंत्री अमित शाह ने भी वीरभद्र सिंह के निधन पर शोक जताया है।