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शिव ज्योति पब्लिक स्कूल में 'आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' का आयोजन

'Eighth International Yoga Day' organized at Shiv Jyoti Public School
'Eighth International Yoga Day' organized at Shiv Jyoti Public School
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[metaslider id=11116] जालंधर : ● शिव ज्योति पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्या श्रीमती नीरू नैय्यर जी के कुशल मार्गदर्शन में श्री परमिंदर, श्री निर्मलजीत सिंह, श्री निर्मल सिंह, श्रीमती जेनिथ, और श्रीमती भावना सभ्रवाल (गतिविधि प्रभारी) सहयोग के साथ 'आठवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' मनाया गया। ● विद्यालय में लगभग दो माह की अवधि के दौरान योग दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। गत दिनों विद्यार्थियों के द्वारा 'सूर्य-नमस्कार' योगासन का उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया गया। श्रीमती रजनी शर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों द्वारा लयबद्ध योग-क्रियाएँ की गईं। भित्ति-चित्र के माध्यम से विद्यार्थियों को योग के आठ पहलुओं तथा उनके लाभ के बारे में जानकारी प्रदान की गई। 'जालंधर सहोदय' के अंतर्गत 'डीएवी स्कूल बिलगा' में आयोजित 'इंटर स्कूल योग प्रतियोगिता' में भी विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यालय में सामूहिक योग-सत्र आयोजित किया गया और विद्यार्थियों को योग पर अधारित वीडियो भी दिखाए गए। स्कूल के स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' कार्यक्रम पर आधारित योग-गीत प्रस्तुत किया और विभिन्न योग-मुद्राओं को प्रदर्शित किया। आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने 'योग' विषय पर आधारित 'पेपर बैग' बनाने की गतिविधि में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयुष मंत्रालय के द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार विद्यार्थियों ने 'वॉर मेमोरियल-जंग-ए-आज़ादी',करतारपुर में पूरे जोश और उत्साह से योगासन करके सबको संदेश दिया कि हमें 'योग' को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लेना चाहिए। ● प्रधानाचार्या श्रीमती नीरू नैय्यर ने अपने संदेश में कहा कि योग, स्वस्थ जीवन का आधार है। शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक सुख व आध्यात्मिक प्रगति के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। ● श्रीमती कृष्णा ज्योति (चेयरपर्सन ),डॉ. विदुर ज्योति( चेयरमैन ट्रस्ट),डॉ. सुविक्रम ज्योति(मैनेजर, मैनेजिंग कमेटी;जनरल सैक्रेटरी,ट्रस्ट),श्रीमती नीरु नैय्यर(प्रधानाचार्या) तथा श्रीमती प्रवीण सैली(उप-प्रधानाचार्या) ने विद्यार्थियों, अध्यापक वर्ग एवं अभिभावकों को योग को अपनी दिनचर्या के अभिन्न अंग के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। [metaslider id=711]