जालंधर : खबर है कि पंजाब सरकार द्वारा डिपुओं में खड़ी 500 के करीब बसों को चलाने के स्थान पर ठेके पर ली जा रही किलोमीटर स्कीम की बसों का रोडवेज-पनबस व पी.आर.टी.सी. ठेका कर्मचारी यूनियन ने कड़ा विरोध करते हुए संघर्ष का ऐलान किया है जिसके तहत 1 अगस्त को पंजाब का नैशनल हाईवे जाम किया जाएगा। वहीँ इसके लिए फिलहाल जालंधर के रामा मंडी व पी.ए.पी. का चयन किया गया है। इसके अलावा 2 अगस्त को पी.आर.टी.सी. हैड ऑफिस में भूख हड़ताल शुरू होगी।
वहीँ अगर हाइवे जाम करने के बाद भी सरकार नहीं जागी तो पंजाब में 3 अलग-अलग स्थानों पर हाइवे जाम करने का फैसला लिया गया है। इसी संबंध में यूनियन की प्रदेश स्तरीय मीटिंग बुलाई गई जिसमें पंजाब के सभी डिपुओं के पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने हिस्सा लेकर अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि रोडवेज-पनबस व पी.आर.टी.सी. पिछले समय के दौरान घाटे में चल रही है लेकिन इसके बावजूद सरकार द्वारा डिपुओं में धूल फांक रही बसों को चलाने के प्रति कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। सरकार पिछले 15-20 सालों से कच्चे तौर पर काम कर रहे कर्मचारियों को पक्का करने के प्रति कोई कदम नहीं उठा रही है जिससे यूनियन में रोष व्याप्त है।
जालंधर डिपो-1 के प्रधान गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डिपो-2 के प्रधान सतपाल सिंह सत्ता, महासचिव रणजीत सिंह, चाणन सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा 219 बसें किलोमीटर स्कीम के जरिए डाली जा रही हैं, जिसका लाभ प्राइवेट ठेकेदार ले जाएंगे व विभाग को होने वाली इंकम का नुक्सान होगा।
यूनियन के प्रदेश इकाई के मीत प्रधान दिलजीत सिंह जल्लेवाल ने कहा कि डिपुओं में खड़ी बसें चलाने व मौजूदा कर्मचारियों को नीचा दिखाने के लिए आऊटसोर्स के जरिए 1378 कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने तुरन्त प्रभाव से कदम नहीं उठाया तो 14 से 16 अगस्त तक पंजाब की सभी सरकारी बसों को चक्का जाम किया जाएगा व 15 अगस्त को मुख्यमंत्री का घेराव किया जाएगा।
वेतन समय पर न मिला तो बस अड्डे बंद करके होगा रोष प्रदर्शन वहीँ कर्मचारियों का कहना है कि सरकार द्वारा पिछले कई माह से वेतन देने में 20 दिन की देरी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में निराशा देखने को मिल रही है। पिछली बार धरने-प्रदर्शनों के बाद वेतन जारी हुआ था। ऐसा सब इसलिए किया जा रहा है ताकि आर्थिक तौर पर परेशान होने के बाद कर्मचारी काम छोड़कर खुद ही चले जाए, लेकिन वह ऐसा नहीं करेगें और संघर्ष करते रहेंगे। इस बार 7 से 10 अगस्त तक वेतन जारी नहीं हुआ तो बस अड्डा बंद करके रोष प्रदर्शन किया जाएगा।