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Sunday, 07 July 2024

Vastu Tips : भूलकर भी यहां न रखें जूते-चप्पल की रैक, टूट सकता है मुसीबतों का पहाड़

Vastu Tips : भूलकर भी यहां न रखें जूते-चप्पल की रैक, टूट सकता है मुसीबतों का पहाड़

Vastu Tips : वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व बताया गया है. घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए वास्तु के नियमों का पालन करना चाहिए. माना जाता है कि जिन घरों में वास्तु के नियमों का पालन नहीं किया जाता है, वहां मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियां और नकारात्मकता हमेशा बनी रहती है. इससे लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित होती है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की सभी चीजों को एक निश्चित दिशा और उचित स्थान रखने से घर की सकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोतरी होती है। इससे घर की सुख-शांति और समृधि बनी रहती है। वास्तु में जूते-चप्पल रखने के भी कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन न करने से घर में अशांति फैल सकती है. जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में जूते-चप्पल कहां रखने चाहिए और कहां नहीं रखने चाहिए.

भूलकर भी इस दिशा में न रखें शू रैक

जूते-चप्पल या इसकी रैक को भूल से भी उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में नहीं रखना चाहिए। जब हम कहीं बाहर से आते हैं तो हमारे जूते-चप्पलों में धूल-मिट्टी और गंदगी लगी होती है। जूते-चप्पल और सैंडिल की गंदगी से ये दिशाएं दूषित हो जाती हैं और इन दिशाओं के स्वामी देवता नाराज हो जाते हैं। इन स्थानों पर नकारात्मक ऊर्जा फैलने से घर की समृद्धि और सौभाग्य पर नकारात्मक असर पड़ता है। कहते हैं, ऐसे घर पर मां लक्ष्मी कभी वास नहीं करतीं हैं।

घर में इन जगहों पर नहीं होने चाहिए शू रैक

वास्तु के अनुसार घर में जूते-चप्पल के स्टैंड या शू रैक बेड रूम में रखने की मनाही है। इससे पति-पत्नी के संबंध कभी मधुर नहीं रहते हैं। साथ ही सीढ़ियों के नीचे और घर के मुख्य द्वार पर भी भूल कर भी शू रैक नहीं रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र में जूत-चप्पलों को घर के मुख्य द्वार पर उतारना भी अशुभ माना गया है। ऐसा करने से घर की सारी सकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है। इससे घर के सदस्यों की प्रगति पर असर पड़ता है। उनके जीवन में संकट और मुसीबत बढ़ सकती हैं।

जूते-चप्पल के लिए ये दिशा है शुभ वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर पर जूते-चप्पल को हमेशा कैबिनेट, बंद रैक या अलमारी में रखना चाहिए। घर की शुभता और सकारात्मक ऊर्जा पर कोई असर न पड़े इसके लिए शू रैक या स्टैंड को हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र में यह दिशा शुभ मानी गई है।

बता दें, जहां तक संभव हो जूते-चप्पल रखने की कैबिनेट, रैक या अलमारी लकड़ी की बनवानी चाहिए। यदि बाजार से बनी-बनाई खरीदते हैं, तो लकड़ी वाली ही खरीदें। धातु, प्लास्टिक या कपड़े की शू रैक वास्तु के अनुसार शुभ नहीं मानी गई है।

Disclaimer : यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। इंडिया लिविंग न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।