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Wednesday, 27 August 2025

पंजाब में बाढ़ से हालात बिगड़े : सैकड़ों गांव डूबे; सेना, NDRF, SDRF ने संभाला मोर्चा

पंजाब में बाढ़ से हालात बिगड़े : सैकड़ों गांव डूबे; सेना, NDRF, SDRF ने संभाला मोर्चा

पंजाब : इस समय पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों में बारिश कहर बरपा रही है। पंजाब में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सेना, एनडीआरएफ, बीएसएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल ने भी मोर्चा संभाला है। सैकड़ों गांव पानी में डूब चुके हैं। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मूसलाधार बारिश और बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने से पंजाब में हालात बदतर होते जा रहे हैं। हजारों एकड़ भूमि, फसलें, नदियों के किनारे बसे गांव डूब चुके हैं। सड़कें बह जाने की वजह से कई गांवों का संपर्क कट चुका है। घरों को नुकसान पहुंचा है। लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। वहीं लोगों को जान माल की चिंता सता रही है।

बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पठानकोट, होशियारपुर, गुरदासपुर, कपूरथला, तरनतारन, फाजिल्का और फिरोजपुर शामिल हैं। इसके अलावा तरनतारन और अमृतसर में भी हालात खराब होते जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में पौंग बांध और रणजीत सागर बांध का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। हालात बेकाबू होते देख पंजाब पुलिस के साथ सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का भी सहारा लिया गया है।

भाखड़ा बांध में भी लगातार पानी आने की वजह से उसका जलस्तर भी दिनोंदिन बढ़ रहा है। मंगलवार को आरएसडी से कुल 1.70 हजार क्यूसेक पानी रावी दरिया में छोड़ा गया। पौंग बांध से 63247 क्यूसिक पानी शाह नहर बैराज में से ब्यास दरिया में छोड़ा गया और भाखड़ा डैम से टर्बाइनों के माध्यम से 36514 और फ्लड गेटों के माध्यम से 6349 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कई इलाकों में धुस्सी बांध टूटने की वजह से गांवों में पानी भर गया। बाढ़ से हजारों एकड़ फसल तबाह हो चुकी है। दर्जनों घरों को नुकसान पहुंचा है। सड़कें बह जाने की वजह से शहरों से संपर्क कट गया है। घरों में पानी भरने से सामान खराब हो गया है। लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे हैं।

पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। साथ ही राहत और बचाव कार्य जारी रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को 24 घंटे जमीनी स्तर पर डटे रहने के आदेश दिए गए हैं।