ePaper Reading mode

Daily Samvad ePaper

Wednesday, 01 July 2026

पंजाब सरकार की मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू : महिलाओं के खातों में आए 3 महीने के पैसे

पंजाब सरकार की मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू : महिलाओं के खातों में आए 3 महीने के पैसे
पंजाब : पंजाब में महिलाओं की हुई बल्ले बल्ले। बुधवार को पंजाब की भगवंत मान सरकार ने अपनी आखिरी और सबसे बड़ी गारंटी पूरी करते हुए महिलाओं के बैंक खाते में 1000 रुपए की सम्मान राशि डाल दी। धुरी में मुख्यमंत्री ने एक वेब लिंक लॉन्च कर मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना का शुभारम्भ किया। सरकार ने एक साथ तीन महीने की किश्त जारी की है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3000 और दलित महिलाओं के खाते में 4500 रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। 2022 में आम आदमी पार्टी ने पांच गारंटी दी थी। आज आखरी चुनावी वादा भी पूरा हो गया। उधर, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने योजना के शुभारम्भ पर पंजाब की महिलाओं को बधाई दी है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आज पंजाब के लिए बहुत बड़ा दिन है। पंजाब की माताओं और बहनों के लिए बहुत बड़ा दिन है। उधर, धुरी में स्कीम का शुभारम्भ कर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से बैंक का प्रोसेस शुरू हो गया है और किसी भी वक्त फोन पर मैसेज की आवाज आ सकती है। उन्होंने कहा कि इस योजना में जनरल कैटेगरी की महिलाओं को 1000 रुपए और दलित माताओं को 1500 रुपए मिलेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पंजाब की सभी माताओं-बहनों का सत्कार है। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी इसी सोच के साथ बनी थी कि आम जनता का पैसा किसी न किसी रूप में वापस आम जनता को ही मिलेगा। चाहे आम आदमी क्लीनिक और अस्पताल बनाकर, सड़कें बनाकर, नौकरियां देकर, बिजली फ्री करके या नहरों का पानी देकर, किसी भी तरीके से पैसा आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। सरकार के अनुसार योजना का लाभ 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की उन महिलाओं को मिलेगा जो पंजाब की स्थायी निवासी और पंजीकृत मतदाता हैं। लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है। कई जिलों में अभी भी बैंक खाते खुलवाने और आधार लिंक कराने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने पात्र महिलाओं से जल्द रजिस्ट्रेशन और बैंक संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की है ताकि उन्हें योजना का लाभ समय पर मिल सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी, सरकारी पेंशनभोगी और आयकरदाता परिवारों की महिलाओं को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।